Ranchi News: निजी स्कूलों में मनमानी फीस वसूली और अभिभावकों को निर्धारित दुकानों से किताब, कॉपी और यूनिफॉर्म खरीदने के लिए बाध्य करने जैसी शिकायतों पर अब सख्ती शुरू हो गई है। रांची जिला प्रशासन द्वारा इन मामलों पर नियंत्रण के लिए जिला स्तरीय जांच एवं निर्णय समिति के गठन की पहल को झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन ने सराहनीय कदम बताया है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय राय ने शनिवार को जारी बयान में कहा कि यह निर्णय अभिभावकों के लंबे संघर्ष का परिणाम है। उन्होंने कहा कि रांची में समिति का गठन सकारात्मक पहल है, लेकिन इसे पूरे झारखंड में लागू करना आवश्यक है, ताकि सभी जिलों के अभिभावकों को इसका लाभ मिल सके। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि हर जिले में ऐसी समितियों का गठन कर नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।
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अजय राय ने आरोप लगाया कि कई निजी विद्यालय अब भी नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं और अभिभावकों को विशेष दुकानों से ही किताबें, यूनिफॉर्म और अन्य शैक्षणिक सामग्री खरीदने के लिए मजबूर करते हैं। इससे अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में प्रशासन को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
उन्होंने यह भी बताया कि झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण (संशोधन) अधिनियम, 2017 लागू होने के बावजूद इसका सही तरीके से पालन नहीं हो पा रहा था। कई निजी स्कूलों में न तो फीस निर्धारण समिति बनाई गई थी और न ही अभिभावक-शिक्षक संघ (पीटीए) सक्रिय था, जिसके कारण अभिभावकों की समस्याएं लगातार बढ़ रही थीं।
एसोसिएशन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें और यदि कहीं अवैध शुल्क वसूली या जबरन खरीदारी का दबाव बनाया जाए तो इसकी शिकायत संबंधित अधिकारियों से करें। संगठन का मानना है कि इस नई व्यवस्था से निजी स्कूलों की मनमानी पर लगाम लगेगी और शिक्षा व्यवस्था अधिक पारदर्शी व सुलभ बनेगी।


