Patna News: नीट छात्रा हत्याकांड के बाद बिहार सरकार ने राज्य भर में महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर सख्त रुख अपनाया है। इसी कड़ी में सरकार ने लड़कियों के छात्रावास और लॉज के लिए नए एवं कड़े सुरक्षा दिशानिर्देश जारी किए हैं, जिनका पालन अनिवार्य रूप से करना होगा।
राज्य के उपमुख्यमंत्री सह गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को जानकारी देते हुए कहा कि सरकार महिलाओं और बालिकाओं को शिक्षित, आत्मनिर्भर और सुरक्षित वातावरण प्रदान करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि राज्य के सभी छात्रावासों और लॉज का पंजीकरण अनिवार्य किया गया है। साथ ही प्रत्येक थाना क्षेत्र में स्थित छात्रावासों का पूरा विवरण रखा जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी महिला हेल्प डेस्क को सौंपी गई है।
नए दिशा-निर्देशों के तहत सभी छात्रावासों में 24 घंटे महिला वार्डन की मौजूदगी अनिवार्य होगी। इसके अलावा वार्डन, सुरक्षा गार्ड, रसोइया और सफाईकर्मी समेत सभी कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन कराना भी जरूरी होगा।
छात्राओं की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए छात्रावासों के मुख्य गेट, गलियारों, भोजनालय और परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इन कैमरों की रिकॉर्डिंग कम से कम 30 दिनों तक सुरक्षित रखनी होगी। साथ ही छात्रावास परिसर में पर्याप्त रोशनी, नियमित साफ-सफाई, मजबूत दरवाजे और खिड़कियों में लोहे की जाली लगाना अनिवार्य किया गया है। कमरों वाले हिस्सों में पुरुषों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि रात के समय छात्राओं और स्टाफ की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए बायोमेट्रिक सिस्टम लगाया जाएगा। आपात स्थिति से निपटने के लिए स्थानीय थाना, महिला हेल्प डेस्क, अभया ब्रिगेड और 112 नंबर की जानकारी पोस्टर के माध्यम से प्रदर्शित की जाएगी। छात्राओं को 112 इंडिया ऐप के सुरक्षा फीचर्स की जानकारी भी दी जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस, महिला हेल्प डेस्क और अभया ब्रिगेड संयुक्त रूप से छात्रावासों की नियमित जांच करेंगे। किसी भी संदिग्ध या आपराधिक गतिविधि की सूचना मिलने पर तत्काल सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सम्राट चौधरी ने कहा कि बच्चियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और इन निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराया जाएगा।

