Palamu News:- पलामू जिले के हुसैनाबाद थाना में जमीन विवाद की पैरवी करने पहुंचे एक फर्जी अधिकारी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपित खुद को 2014 बैच का ओडिशा कैडर का आईएएस अधिकारी बताकर पुलिस को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा था, लेकिन उसकी बातों में विरोधाभास सामने आते ही पुलिस को शक हुआ और सख्ती से पूछताछ के बाद पूरा मामला उजागर हो गया।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार व्यक्ति ने अपना नाम राजेश कुमार बताया और खुद को हैदरनगर थाना क्षेत्र के कुकही गांव का निवासी बताया। उसने दावा किया कि वह वर्तमान में भुवनेश्वर के खरवेला नगर में भारत सरकार के मुख्य लेखा अधिकारी (सीएओ) के पद पर कार्यरत है। थाना प्रभारी सोनू कुमार चौधरी ने जब उसकी पोस्टिंग और सेवा से जुड़ी जानकारी पूछी, तो उसने देहरादून, हैदराबाद और भुवनेश्वर में एक साथ कार्य करने की बात कही। एक ही समय में अलग-अलग स्थानों पर पोस्टिंग की बात सुनकर पुलिस को गहरा संदेह हुआ।
संदेह बढ़ने पर आरोपित ने अपना बयान बदलते हुए खुद को आईएएस नहीं बल्कि आईपीटीएएफएस अधिकारी बताया और कहा कि यह सेवा भी यूपीएससी से चयनित होती है और आईएएस के समकक्ष है। आरोपित की बातों में लगातार बदलाव देखकर थाना प्रभारी ने मामले की जानकारी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी एस. मोहम्मद याकूब को दी।
इसके बाद पुलिस ने गांव स्तर पर और अन्य माध्यमों से जांच की, जिसमें स्पष्ट हो गया कि आरोपी किसी भी सरकारी सेवा में कार्यरत नहीं है। पुलिस ने उसे दोबारा थाना बुलाकर पूछताछ की और नियुक्ति पत्र, पहचान पत्र व अन्य विभागीय दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा, लेकिन वह कोई वैध कागजात नहीं दिखा सका। कड़ी पूछताछ के दौरान उसने स्वीकार कर लिया कि वह किसी भी सरकारी सेवा में नहीं है।
आरोपित ने पुलिस को बताया कि उसके पिता का सपना था कि वह आईएएस बने। उसने चार बार यूपीएससी की परीक्षा दी, लेकिन असफल रहा। इसके बाद समाज और रिश्तेदारों के सामने अपनी झूठी पहचान बनाए रखने के लिए उसने खुद को अधिकारी बताना शुरू कर दिया और पिछले 6–7 वर्षों से फर्जी अधिकारी बनकर घूम रहा था।
तलाशी के दौरान पुलिस ने उसके पास से भारत सरकार के नाम से बना फर्जी आईपीटीएएफएस पहचान पत्र, मोबाइल फोन, चाणक्य आईएएस अकादमी का पहचान पत्र, लाइब्रेरी कार्ड तथा उसकी हुंडई एरा कार पर लगा “भारत सरकार, सीएओ दूरसंचार विभाग” लिखा फर्जी नीला नेम प्लेट बरामद किया। सभी सामान जब्त कर सील कर दिए गए हैं।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर शनिवार को न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि उसने अब तक किन-किन मामलों में फर्जी अधिकारी बनकर हस्तक्षेप किया है और कहीं किसी संगठित गिरोह से तो उसका संबंध नहीं है।
इस कार्रवाई में एसडीपीओ एस. मोहम्मद याकूब, थाना प्रभारी सोनू कुमार चौधरी, देवरी ओपी प्रभारी बबलू कुमार, हैदरनगर के धनंजय गोप, हुसैनाबाद थाना के मुकेश कुमार सिंह और रमन यादव शामिल थे।

