Purnia News:-;कसबा विधानसभा क्षेत्र के जलालगढ़ में आयोजित एनडीए की चुनावी जनसभा में असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा सरमा ने चुनावी माहौल को तीखा और जोशीला बना दिया। एनडीए प्रत्याशी तथा लोजपा (रामविलास) के हेलीकॉप्टर छाप उम्मीदवार नितेश सिंह के पक्ष में वोट मांगते हुए उन्होंने भीड़ को संबोधित करते हुए कहा—“एक रहोगे तो सेफ रहोगे, अगर हिंदू एक नहीं हुए तो न जमीन रहेगा, न घर रहेगा।”
सरमा ने मंच से कहा कि यह समय एकजुट होकर ‘दुर्योधन’ को सत्ता से दूर करने का है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, जीतन राम मांझी, चिराग पासवान और उपेंद्र कुशवाहा को ‘पांच पांडव’ बताते हुए कहा कि ये सभी मिलकर दुर्योधन को परास्त करेंगे। उन्होंने मतदाताओं से एनडीए उम्मीदवार को भारी मतों से जिताने की अपील की।
असम के मुख्यमंत्री ने कांग्रेस, महागठबंधन और निर्दलीय उम्मीदवारों पर भी तीखे वार किए। उन्होंने भाजपा छोड़कर निर्दलीय लड़ रहे प्रदीप दास पर निशाना साधते हुए कहा—“प्रदीप दास ने पैसा ले लिया है। अब यहां प्रदीप-बर्दीप नहीं चलेगा। ऐसे लोगों की वजह से भारत 500 साल गुलाम रहा।” उन्होंने कहा कि अंत में वही लोग भी हेलीकॉप्टर में बैठकर वोट डालने आएंगे।
उन्होंने कहा—“अगर हिंदू बंट गए तो कसबा नहीं जीत पाएंगे।” सरमा ने जनता को सावधान करते हुए कहा कि पप्पू यादव, लालू यादव और तेजस्वी यादव की बातों में न आएं, “इनको देश से कोई मतलब नहीं है।”
राहुल गांधी पर हमला करते हुए उन्होंने कहा—“सेना पर 10 प्रतिशत वाले बयान अगर जानबूझकर दिए गए हैं तो इसे सुप्रीम कोर्ट देशद्रोह माने। अगर गलती से कहा है तो उन्हें पागलखाना भेजा जाए।”
हेमंत सरमा ने बिहार सरकार की महिलाओं को ₹10,000 देने वाली योजना की सराहना की और बताया कि उन्होंने इस योजना को असम में भी लागू किया है। साथ ही कहा कि उन्होंने असम में मदरसों को बंद किया क्योंकि—“वहां से मुल्ले निकलते थे, मैं चाहता हूं कि इंजीनियर, डॉक्टर और बिजनेसमैन निकलें।”
पूर्णिया की डेमोग्राफी पर एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यह बेहद गंभीर विषय है। असम, बंगाल, बिहार और झारखंड में जनसंख्या संतुलन बदल रहा है और केंद्र व राज्य सरकारें इस पर नजर बनाए हुए हैं, समय आने पर ठोस फैसला लिया जाएगा।
हेमंत बिस्वा सरमा का यह भाषण एनडीए कार्यकर्ताओं में जोश भरने के साथ ही कसबा विधानसभा की चुनावी सरगर्मी को और तेज कर गया।
