Ranchi news:- झारखंड में हुए बड़े शराब घोटाला मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने अपनी कार्रवाई और तेज कर दी है। इस केस से जुड़े कई अहम सबूत हाथ लगने के बाद अब एसीबी ने छत्तीसगढ़ के छह लोगों को समन भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया है। एसीबी ने जिन लोगों को समन किया है उनमें छत्तीसगढ़ के दुर्ग निवासी अरविंद सिंह, नवीन केडिया, अरुणपति त्रिपाठी, भाटिया वाइंस एंड कंपनी के मालिक भूपेंद्र पाल सिंह भाटिया, रायपुर के विकास अग्रवाल और बिलासपुर के राजेंद्र जायसवाल शामिल हैं। सभी को एक और दो सितंबर को रांची स्थित एसीबी कार्यालय में उपस्थित होकर पूछताछ में शामिल होने के लिए निर्देश दिया गया है।
गौरतलब है कि झारखंड शराब घोटाला मामले की जांच एसीबी ने पिछले वर्ष से शुरू की थी। एजेंसी ने 27 सितंबर 2024 को इस मामले में प्रारंभिक जांच (पीई संख्या 03/2024) दर्ज की थी। जांच के दौरान कई अहम दस्तावेज और साक्ष्य सामने आए थे। इन्हीं सबूतों के आधार पर एसीबी ने आईएएस अधिकारी विनय चौबे को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया था, लेकिन वह पेश नहीं हुए थे।
इसके बाद जांच को और आगे बढ़ाते हुए एसीबी ने 20 मई 2025 को औपचारिक रूप से प्राथमिकी दर्ज की (कांड संख्या 09/2025)। इसके अगले ही दिन यानी 21 मई को एसीबी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तत्कालीन उत्पाद विभाग के प्रमुख और वरीय आईएएस अधिकारी (फिलहाल निलंबित) विनय चौबे को गिरफ्तार कर लिया था। इसी दौरान विभाग के वरिष्ठ अधिकारी गजेंद्र सिंह समेत कई लोगों को भी हिरासत में लिया गया।
अब एसीबी की ताजा कार्रवाई से यह स्पष्ट हो गया है कि शराब घोटाला केस में जांच का दायरा झारखंड के बाहर भी फैल रहा है। छत्तीसगढ़ के कारोबारियों और शराब माफियाओं की संलिप्तता सामने आने से इस घोटाले का नेटवर्क और बड़ा हो सकता है।

