Chaibasa News:- पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) के सारंडा स्थित घने जंगल और दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान शुक्रवार को हुए आईईडी विस्फोट में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की कोबरा 209 बटालियन के दो जवान घायल हो गए। दोनों घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए हेलीकॉप्टर से रांची भेजा जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, झारखंड पुलिस और कोबरा बटालियन की संयुक्त टीम नक्सलियों के खिलाफ विशेष अभियान चला रही थी। यह अभियान सारंडा के उस क्षेत्र में चलाया जा रहा था, जो लंबे समय से नक्सलियों की गतिविधियों के लिए कुख्यात रहा है। शुक्रवार सुबह सुरक्षा बलों की टुकड़ी जैसे ही एक घने जंगल वाले पहाड़ी मार्ग से गुजर रही थी, तभी नक्सलियों ने पहले से लगाए गए तात्कालिक विस्फोटक उपकरण (आईईडी) में विस्फोट कर दिया। इस विस्फोट की चपेट में आने से कोबरा 209 बटालियन के दो जवान गंभीर रूप से जख्मी हो गए।
पुलिस महानिरीक्षक (अभियान) सह पुलिस प्रवक्ता माइकल राज एस ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि यह हमला नक्सलियों की एक सुनियोजित रणनीति का हिस्सा था। उन्होंने कहा कि सुरक्षाबलों को निशाना बनाने के लिए नक्सली अक्सर ऐसे आईईडी जाल बिछाते हैं, जो दूर से संचालित किए जाते हैं या दबाव में सक्रिय हो जाते हैं। घटना के बाद आसपास के क्षेत्र में सघन तलाशी अभियान चलाया गया है, ताकि हमलावरों का पता लगाया जा सके।
सारंडा क्षेत्र, जो कभी देश में सबसे बड़ा साल वृक्षों का जंगल माना जाता था, पिछले दो दशकों से नक्सल प्रभावित इलाकों में गिना जाता है। यहां की भौगोलिक परिस्थितियां और कठिन पहुंच नक्सलियों को छिपने और हमले की योजना बनाने का मौका देती हैं। हाल के महीनों में सुरक्षा बलों ने यहां कई सफल ऑपरेशन चलाए हैं, जिससे नक्सलियों की गतिविधियों पर लगाम लगी है, लेकिन आईईडी जैसे छुपे खतरों से खतरा लगातार बना हुआ है।
अधिकारियों ने बताया कि घायल जवानों की हालत फिलहाल स्थिर है और रांची में उनका समुचित इलाज किया जाएगा। साथ ही, पूरे इलाके में सुरक्षाबलों की तैनाती बढ़ा दी गई है और ऑपरेशन को और तेज किया गया है, ताकि नक्सलियों के मनोबल को तोड़ा जा सके।


