Patna News: बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के बाद बुधवार काे नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने पत्रकार वार्ता में उपमुख्यमंत्री और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर जमकर बरसे। तेजस्वी यादव ने कहा कि आज सदन की कार्यवाही के दाैरान वे एसआईआर (विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण) के समय काे लेकर अपनी बात रख रहे थे। इस पर सत्ता पक्ष के वरिष्ठ नेता यहां तक कि उपमुख्यमंत्री ने भी आपत्तिजनक टिप्पणियां की।
उन्होंने आरोप लगाया कि उपमुख्यमंत्री ने उनके संबोधन के दौरान कहा कि यही बोलेगा खाली, कितना बोलेगा?” तेजस्वी ने इसे बेहद अमर्यादित और सदन की गरिमा के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि सदन में यदि विपक्ष का नेता नहीं बोलेगा तो कौन बोलेगा? सत्ता पक्ष के कुछ नेता जानबूझकर हंगामा खड़ा कर सदन की गरिमा गिरा रहे हैं। अध्यक्ष महोदय ने उपमुख्यमंत्री और एक मंत्री को फटकार भी लगाई है जो दर्शाता है कि स्थिति कितनी गंभीर थी।
मतदाता पुनरीक्षण अभियान पर सवाल खड़े करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि चुनाव आयोग ने जो हलफनामा सुप्रीम कोर्ट में दिया है, उसमें कहीं भी विदेशी नागरिकों का उल्लेख नहीं है। बावजूद इसके सत्तापक्ष के नेता यह दावा कर रहे हैं कि फर्जी वोटर नेपाल और बांग्लादेश के हैं। यह गलत जानकारी फैलाकर जनता को गुमराह करने की कोशिश है।
भाजपा पर भी निशाना साधते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि अगर फर्जी वोटर की बात सही है तो 2005 से अब तक की सरकार और केंद्र में 11 वर्षों से भाजपा की सत्ता में रहने के बावजूद यह मुद्दा क्यों नहीं सुलझाया गया। उन्होंने कहा कि जब हमारे पास सबूत होते हैं, तब सत्ता पक्ष बहस से भागता है और हंगामा करता है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर कटाक्ष करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि जब मैं विधानसभा में बोल रहा था, तब मुख्यमंत्री बीच में उठकर बोलने लगे। शायद उन्हें यह तक नहीं पता था कि चर्चा किस विषय पर हो रही है। हमें उनकी स्थिति पर सहानुभूति होती है। उनकी क्या स्थिति हो गई है। सदन में सब लोगों को पता है कि चर्चा किस पर हो रही है लेकिन सीएम को पता नहीं वो जो बोलते हैं बोलते रहे। अब सरकार दिल्ली से रिमोट कंट्रोल से चलाई जा रही है।


