Patna News:- आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड गिरोह का भंडाफोड़ किया है। एसआईटी ने गिरोह के सरगना हर्षित कुमार समेत 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। हर्षित को सुपौल के गौसपुर से पकड़ा गया। वह 21 साल का है। गिरोह सिम बॉक्स के जरिए रोजाना 10 हजार से ज्यादा फर्जी कॉल करता था। इन कॉल्स से साइबर ठगी की जाती थी। गिरोह ने एक समानांतर एक्सचेंज भी खड़ा कर रखा था। केंद्रीय दूरसंचार मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले दो हफ्तों में फर्जी कॉल से 2.5 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। जनवरी से अब तक मंत्रालय को 60 करोड़ रुपये से ज्यादा की चपत लगी है। हर्षित के पास 12 से 14 करोड़ की संपत्ति का पता चला है। मोतिहारी में उसका करोड़ों का मकान है। वहीं के एक बैंक खाते में 2.5 करोड़ रुपये जमा मिले हैं। यह खाता सील कर दिया गया है। उसके पास 30 से 35 बैंक खाते हैं, जिनमें साइबर ठगी की रकम का लेनदेन होता था।
हर्षित ने थाईलैंड, बैंकॉक समेत दर्जनभर देशों की यात्रा की है। वह चीन, वियतनाम, कंबोडिया के नागरिकों से सोशल मीडिया के जरिए जुड़ा था। गिरोह ने टेलीग्राम ग्रुप बना रखा था। गिरोह के तार पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, गोवा, कर्नाटक, दिल्ली, उड़ीसा, झारखंड के अलावा यूएई, कंबोडिया, थाईलैंड, हांगकांग, चीन, वियतनाम, यूके और जर्मनी से जुड़े हैं।
गिरफ्तार लोगों में हर्षित के अलावा सीएससी संचालक मोहम्मद सुल्तान और चार प्वाइंट ऑफ सेल संचालक शामिल हैं। सिम सप्लायर सुमित शाह को पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के रामपुर रेलवे स्टेशन के पास से पकड़ा गया है।
ईओयू की टीम ने पटना, मोतिहारी, सुपौल, वैशाली, रोहतास समेत कई जिलों में 20 से 22 ठिकानों पर छापेमारी की। डीएसपी पंकज कुमार के नेतृत्व में एसआईटी ने यह कार्रवाई की। छापेमारी में 8 सिम बॉक्स डिवाइस, सैकड़ों सिम कार्ड, बैंक पासबुक, एटीएम, क्रेडिट कार्ड और कई दस्तावेज मिले हैं। हर्षित ने वियतनाम और चीन से 4-4 सिम बॉक्स खरीदे थे।
जांच में सामने आया कि हर्षित झारखंड से फर्जी सिम मंगवाता था। मार्च से अब तक 1 हजार सिम कार्ड मंगवा चुका था। सबसे ज्यादा सिम पाकुड़ से मंगवाए गए। हर्षित और सुल्तान की मुलाकात हाजीपुर में होती थी। वहीं से सिम की सप्लाई होती थी। टेलीकॉम डिस्ट्रीब्यूटर्स आम लोगों की बायोमेट्रिक पहचान से फर्जी सिम निकालते थे और इन्हें बेचते थे।
गिरोह ने ठगी की रकम को क्रिप्टो करेंसी में बदला। कई क्रिप्टो खातों और लेनदेन से जुड़े लिंक मिले हैं। जांच जारी है। ईओयू के एडीजी नैयर हसनैन खान ने बताया कि जल्द ही सीबीआई और आईबी की टीम पटना आएगी। मामला कई राज्यों और देशों से जुड़ा है। राष्ट्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर जांच की जाएगी। हर्षित और गिरोह की अवैध संपत्ति जब्त की जाएगी।
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