रांची।
गुमला के किताम गांव निवासी जयंती लकड़ा 14 वर्ष के बाद मंगलवार को अपना गांव लौटी है। वह चैनपुर से एकाएक लापता हो गई थी। इतने दिनों बाद उसके पंजाब में होने की जानकारी मिली थी। घर लौटने के बाद जयंती के परिजनों में खुशी है।
जानकारी अनुसार जयंती संत अन्ना चैनपुर में खाना बनाने का काम करती थी। वहां से वह 14 वर्ष पूर्व लापता हो गई थी। भटक कर वह पंजाब पहुंची और वहां उसे गुरुनानक वृद्वा आश्रम में शरण मिली। हाल में यह मामला राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष में पहुंचा था। इसके बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जयंती को वापस लाने के लिए श्रम विभाग के राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष को आदेश दिया।
नियंत्रण कक्ष की कोशिशों के बाद जयंती को दिल्ली होते हुए रांची लाया गया। इसके बाद जयंती को उसके परिजनों के साथ मंगलवार को उसका गांव भेज दिया गया है।


