Bhagalpur News: सावन की दूसरी सोमवारी पर बाबा बैद्यनाथ धाम में जलाभिषेक के लिए सुल्तानगंज से कांवरियों का जत्था लगातार देवघर की ओर बढ़ रहा है। इसी बीच रविवार को नमामि गंगे घाट पर एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने श्रद्धालुओं का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। 74 वर्षीय प्रसिद्ध महिला डाक बम कृष्णा बम एक बार फिर बाबा बैद्यनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए देवघर रवाना हुईं।
कृष्णा बम ने उत्तरवाहिनी गंगा में विधि-विधान से स्नान किया। इसके बाद कांवड़ में गंगाजल भरा और डाक बम के रूप में अपनी कठिन पैदल यात्रा शुरू कर दी। खास बात यह है कि उम्र के इस पड़ाव पर भी उनके कदमों की रफ्तार और भगवान शिव के प्रति उनकी आस्था में कोई कमी नहीं आई है। वह पिछले 42 वर्षों से लगातार सुल्तानगंज से देवघर तक डाक बम के रूप में यात्रा करती आ रही हैं।
जैसे ही उनके रवाना होने की खबर कांवरियों और स्थानीय लोगों को मिली, उन्हें देखने के लिए भीड़ जुटने लगी। कच्ची कांवरिया पथ पर कई जगह श्रद्धालु उनके पैर छूकर आशीर्वाद लेते नजर आए। युवा, महिलाएं और बुजुर्ग सभी कृष्णा बम की एक झलक पाने को उत्सुक दिखे। इस दौरान पूरा कांवरिया पथ ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गूंजता रहा। कई श्रद्धालुओं ने उनके साथ तस्वीरें और सेल्फी भी लीं।
इस बार सावन की पहली सोमवारी पर कृष्णा बम सुल्तानगंज नहीं पहुंच पाई थीं। इससे उनके चाहने वाले श्रद्धालुओं में निराशा थी। यात्रा शुरू करने के बाद उन्होंने बताया कि अचानक तबीयत बिगड़ने के कारण वह पहली सोमवारी पर यात्रा नहीं कर सकी थीं। उन्होंने शिव भक्तों से निराश नहीं होने और भगवान भोलेनाथ के प्रति अपनी आस्था और उत्साह बनाए रखने की अपील की।
कृष्णा बम की शिवभक्ति सिर्फ सुल्तानगंज से देवघर की यात्रा तक सीमित नहीं है। 74 वर्ष की उम्र में भी वह देश के कई प्रमुख ज्योतिर्लिंगों और शक्तिपीठों तक हजारों किलोमीटर की पैदल यात्रा कर जल चढ़ा चुकी हैं। उन्होंने साइकिल से भी हजारों किलोमीटर की यात्रा पूरी की है।
अब दूसरी सोमवारी पर बाबा बैद्यनाथ के जलाभिषेक के संकल्प के साथ कृष्णा बम एक बार फिर कांवर लेकर देवघर की राह पर हैं। उनके इस जज्बे को देखकर रास्ते में मिलने वाले श्रद्धालु भी उन्हें आस्था, संकल्प और हौसले की मिसाल बता रहे हैं।


