Koderma News: कोडरमा पुलिस ने नवलशाही थाना क्षेत्र में बंद पत्थर खदान से मिले अज्ञात शव के मामले का 48 घंटे के भीतर खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान हजारीबाग जिले के चौपारण थाना क्षेत्र अंतर्गत भगहर गांव निवासी नरेश ठाकुर के रूप में हुई है। इस हत्याकांड में मृतक की पत्नी किरण देवी और डोमचांच थाना क्षेत्र के बेहराडीह निवासी सुनील ठाकुर को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस की जांच में कथित प्रेम संबंध के कारण हत्या की साजिश रचे जाने की बात सामने आई है। बात देंं कि मृतक के भाई गत 11 अक्टुबर को तिलैया थाना में गुमशूदगी का मामला दर्ज कराया था।
17 अक्टूबर को बंद खदान से मिला था शव
पुलिस के मुताबिक, 17 अक्टूबर 2026 को नवलशाही थाना क्षेत्र में लकराही तालाब के पास स्थित एक बंद पत्थर खदान से अज्ञात व्यक्ति का शव बरामद किया गया था। शव को पीले रंग के प्लास्टिक बोरे में बंद कर खदान में फेंका गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए नवलशाही थाना में कांड संख्या 69/2026 दर्ज किया गया। प्राथमिकी में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1), 238 और 3(5) के तहत अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या और साक्ष्य मिटाने से संबंधित आरोप दर्ज किए गए।

घटना के शीघ्र उद्भेदन और शव की पहचान के लिए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर नवलशाही थाना प्रभारी के नेतृत्व में विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित की गई। इसमें अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, कोडरमा और तकनीकी शाखा के कर्मियों को भी शामिल किया गया।
कोलकाता में रहने के दौरान बने थे दोस्त
पुलिस की पूछताछ के अनुसार, नरेश ठाकुर और सुनील ठाकुर कोलकाता में रहने के दौरान एक-दूसरे के संपर्क में आए थे। इसी दौरान सुनील का नरेश की पत्नी किरण देवी से कथित प्रेम संबंध हो गया था। पुलिस का दावा है कि किरण अपने पति से छुटकारा पाना चाहती थी और इस संबंध में सुनील से लगातार बातचीत करती थी। आरोप है कि दोनों ने मिलकर नरेश को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
इलाज के बहाने बुलाया, इंजेक्शन से जहर देने का आरोप
पुलिस के अनुसार, घटना से पहले किरण देवी ने सुनील ठाकुर को 10 अक्टुबर को फोन कर बताया कि नरेश की तबीयत खराब है और वह कोलकाता से आने के लिए तिलैया स्टेशन पहुंचा है। इसके बाद सुनील ने नरेश को इलाज कर ठीक कर देने का भरोसा दिया और उसे कोडरमा बुला लिया। आरोप है कि सुनील अपनी मोटरसाइकिल से नरेश को नवलशाही स्थित अपने क्लिनिक ले गया। वहां इलाज करने के बहाने उसे इंजेक्शन के जरिए जहर दे दिया गया, जिससे उसकी मौत हो गई। नरेश की मौत के बाद सुनील ने फोन पर इसकी जानकारी किरण देवी को दी। इसके बाद दोनों ने कथित तौर पर शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई।
पीले बोरे में बंद कर खदान में फेंका शव
पुलिस के मुताबिक, सुनील ने नरेश के शव को पीले रंग के प्लास्टिक बोरे में बांधा और मोटरसाइकिल पर लादकर रात के अंधेरे में लकराही तालाब के पास स्थित बंद पत्थर खदान में फेंक दिया। आरोप है कि रास्ते में मृतक का मोबाइल फोन और पर्स भी अलग-अलग जगहों पर फेंक दिए गए, ताकि उसकी पहचान और घटना से जुड़े साक्ष्य छिपाए जा सकें।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी सुनील ठाकुर की निशानदेही पर मृतक का मोबाइल फोन और पर्स बरामद किया गया। पर्स में आधार कार्ड, वोटर कार्ड, पैन कार्ड, एटीएम कार्ड और एसबीआई बैंक का कार्ड था। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली है।
दो आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी
इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुनील ठाकुर, पिता मुंशी ठाकुर उर्फ देवनारायण ठाकुर, निवासी बेहराडीह, थाना डोमचांच, जिला कोडरमा और किरण देवी, पति स्वर्गीय नरेश ठाकुर, निवासी भगहर, थाना चौपारण, जिला हजारीबाग के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार, दोनों से पूछताछ के दौरान मिली जानकारी और बरामद सामान के आधार पर मामले का खुलासा किया गया। छापेमारी और जांच अभियान में नवलशाही थाना प्रभारी सुमन कुमार, पुलिस अवर निरीक्षक रवि प्रकाश पंडित, पुलिस अवर निरीक्षक देवेंद्र उरांव सहित नवलशाही थाना के सशस्त्र बल शामिल थे। पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।



