Bihar News : । भारत-नेपाल सीमा पर तैनात सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के जवानों ने अपनी सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से सात नेपाली नाबालिग बच्चों को संभावित मानव तस्करी और बाल श्रम के जाल में फंसने से बचा लिया। यह महत्वपूर्ण कार्रवाई सुपौल जिले के भीमनगर चेक पोस्ट पर नियमित जांच अभियान के दौरान की गई।
जानकारी के अनुसार, वीरपुर स्थित 45वीं वाहिनी एसएसबी के जवान सीमा चौकी पर नियमित जांच कर रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर सात नाबालिग बच्चों पर पड़ी, जो भारत की ओर सीमा पार करने का प्रयास कर रहे थे। बच्चों की गतिविधियां संदिग्ध लगने पर जवानों ने उन्हें रोककर पूछताछ की।
पूछताछ के दौरान बच्चे अपनी पहचान और नागरिकता से संबंधित कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। साथ ही उनके साथ कोई अभिभावक या जिम्मेदार व्यक्ति भी मौजूद नहीं था। बच्चों के बयान बार-बार बदलने और उनमें विरोधाभास पाए जाने के बाद एसएसबी जवानों का संदेह और गहरा गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत मानव तस्करी विरोधी इकाई (एएचटीयू) को सूचना दी गई। एएचटीयू की टीम ने बच्चों से विस्तृत पूछताछ की। प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई गई कि बच्चों को बाल श्रम कराने या किसी अन्य अवैध गतिविधि के लिए भारत लाया जा रहा था। इसके बाद एसएसबी और एएचटीयू ने संयुक्त रूप से कानूनी प्रक्रिया शुरू करते हुए बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की।
बचाए गए बच्चों की पहचान नेपाल के सप्तरी जिले के निवासी सूरज कुमार सदा (16), राहुल कुमार सदा (15), भोगिंदर सदा (14), रोशन कुमार (13), किशन कुमार सदा (10), प्रवीण सदा (10) और अरविंद सदा (8) के रूप में हुई है। सभी आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद सातों बच्चों को सुरक्षित रूप से नेपाल प्रहरी, भांटाबारी के सुपुर्द कर दिया गया।
इस सफल अभियान में एसएसबी के सहायक उपनिरीक्षक चंदन सिंह, मानव तस्करी विरोधी इकाई के सहायक उपनिरीक्षक भारत भूषण सहित कई जवानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। 45वीं वाहिनी एसएसबी, वीरपुर के द्वितीय कमान अधिकारी एवं कार्यवाहक कमांडेंट जगदीश कुमार शर्मा ने कहा कि एसएसबी मानव तस्करी, बाल शोषण और सीमा पार होने वाले अपराधों की रोकथाम के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
उन्होंने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में नियमित निगरानी, सघन जांच अभियान और जनजागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से ऐसी अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। एसएसबी की इस कार्रवाई ने एक बार फिर सीमा सुरक्षा और मानव तस्करी रोकथाम में उसकी सक्रिय भूमिका को साबित किया है।


