मुख्यमंत्री बोले- अपराधियों का होगा पिंडदान या जेल
खिजरसराय में बनेगा अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम, मुख्यमंत्री ने 40 एकड़ जमीन देने की घोषणा की
Gaya Jee: जिले के खिजरसराय में विकास की नई इबारत लिखने की दिशा में सोमवार को बड़ा कदम उठाया गया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री जीतन राम मांझी ने संयुक्त रूप से प्रौद्योगिकी केंद्र, गया का भूमि पूजन कर निर्माण कार्य का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने खिजरसराय में अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्टेडियम के निर्माण के लिए 40 एकड़ जमीन उपलब्ध कराने की घोषणा भी की।
कार्यक्रम के दौरान गयाजी-इस्लामपुर-खिजरसराय मार्ग के 20वें किलोमीटर से टेक्नोलॉजी सेंटर (देवगांव) तक सड़क चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य का भी शिलान्यास किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 170 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह प्रौद्योगिकी केंद्र क्षेत्र के युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास का नया केंद्र बनेगा। इसके साथ ही आसपास सड़क और स्टेडियम जैसी आधारभूत सुविधाओं का भी विकास किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के विकास और समृद्धि के लिए राज्य सरकार लगातार काम कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में बड़ी संख्या में बिहारी अपने राज्य लौटकर यहां के विकास में भागीदारी निभाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसी व्यवस्था तैयार कर रही है जिससे युवाओं को रोजगार और बेहतर अवसर बिहार में ही उपलब्ध हो सकें।
कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि अपराध, भ्रष्टाचार और सांप्रदायिकता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि जो अपराधी कानून को चुनौती देंगे, उनके खिलाफ 48 घंटे के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर भी बड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आम लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए आवेदन मिलने के बाद तय समय सीमा में कार्रवाई नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किया जाएगा और लगातार लापरवाही बरतने पर निलंबन तक की कार्रवाई होगी।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को और मजबूत बना रही है। अब सभी सामाजिक पेंशनधारियों के खातों में हर महीने की 10 तारीख तक पेंशन राशि पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा 211 प्रखंडों में डिग्री कॉलेज और सभी प्रखंडों में मॉडल स्कूल खोले जाने की योजना पर भी तेजी से काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में एमएसएमई क्षेत्र तेजी से विस्तार कर रहा है। वर्ष 2022 में जहां राज्य में लगभग छह लाख एमएसएमई इकाइयां थीं, वहीं अब उनकी संख्या बढ़कर 46 लाख से अधिक हो गई है। इससे करीब 1.87 करोड़ लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिला है।
उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में हुए विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि बिहार आज बिजली, सड़क, जलापूर्ति और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में नई पहचान बना रहा है। साथ ही पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के जरिए सौर ऊर्जा को बढ़ावा देकर गरीब परिवारों को राहत पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।


