Nawada News:- नवादा पुलिस केंद्र में पदस्थापित सिपाही अमित कुमार (बैज संख्या 195) ने कथित रूप से अधिकारियों के उत्पीड़न से तंग आकर आत्महत्या कर ली। रविवार को पुलिस लाइन में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।घटना की गंभीरता को देखते हुए मगध प्रक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) छत्र नील सिंह ने रविवार से जांच शुरू कर दी है।
सूत्रों के अनुसार, सिपाही अमित ने आत्महत्या से पहले पुलिस अधीक्षक (एसपी) को संबोधित सुसाइड नोट छोड़ा है। उसमें लिखा है कि लाइन डीएसपी और प्रभारी इंस्पेक्टर नए सिपाहियों से पाँच-पाँच सौ रुपये वसूल कर उन्हें देने का दबाव बना रहे थे। अमित के इनकार करने पर उसे 10 अक्टूबर की निर्धारित छुट्टी पर जाने से रोक दिया गया, जबकि उसकी पत्नी गंभीर रूप से बीमार थी।
सुसाइड नोट में यह भी उल्लेख है कि जब उन्होंने हेडक्वार्टर डीएसपी से शिकायत की, तो उन्होंने फोन कर छुट्टी देने का निर्देश दिया। इसके बावजूद लाइन डीएसपी ने धमकाते हुए कहा – “तुम ज्यादा काबिल मत बनो, तुम्हें मैं बर्बाद कर दूंगा, सस्पेंड करवा दूंगा।”
इसी मानसिक दबाव में आकर शनिवार को अमित ने पुलिस लाइन के निकट अपने आवास में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।घटना की सूचना मिलते ही आईजी छत्र नील सिंह स्वयं नवादा पहुंचे, घटनास्थल का निरीक्षण किया और कई बिंदुओं पर जांच शुरू की।
इस बीच, पुलिस मेंस एसोसिएशन ने मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।घटना के बाद पुलिस कर्मियों में गहरा आक्रोश व्याप्त है।
सूत्रों के अनुसार, प्रशिक्षण कोषांग के प्रभारी इंस्पेक्टर और लाइन डीएसपी पर यह भी आरोप है कि उन्होंने अमित को जातिसूचक गालियां दीं, जिससे वह गहरे सदमे में चला गया। अंततः, उत्पीड़न और मानसिक दबाव ने उसे अपनी जीवनलीला समाप्त करने के लिए मजबूर कर दिया।

