Nalanda News- जिले के लहेरी थाना क्षेत्र में हुई 73 लाख रुपये की बड़ी चोरी के मामले का पुलिस ने महज 10 दिनों के भीतर खुलासा कर लिया है। इस मामले में पुलिस ने कुख्यात चोर समेत कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से भारी मात्रा में नकदी और सोने के आभूषण भी बरामद किए गए हैं।
पुलिस अधीक्षक भारत सोनी ने बताया कि लहेरी थाना क्षेत्र के शिवपुरी भैसासुर मुहल्ला निवासी अविनाश कुमार ने 26 फरवरी 2026 को थाना में आवेदन देकर अपने घर में बड़ी चोरी होने की सूचना दी थी। शिकायत में उन्होंने बताया था कि घर से करीब 73 लाख रुपये मूल्य के सोने के गहने चोरी हो गए हैं। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और आसूचना के आधार पर जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस को मुख्य आरोपी आदित्य कुमार उर्फ चिकारा के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिला। इसके बाद पुलिस टीम ने लगातार उसकी गतिविधियों पर नजर रखी और 8 मार्च को पटना जिले के पटना सिटी बाईपास स्थित एक किराये के मकान से आदित्य कुमार उर्फ चिकारा और विपेन्द्र कुमार को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान चिकारा ने चोरी की पूरी घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली।
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने अपने परिवार और दोस्तों के साथ मिलकर चोरी का पूरा नेटवर्क बना रखा था। चोरी के बाद गहनों को छिपाने और गलाने के लिए अलग-अलग लोगों की मदद ली जाती थी। इस मामले में रोहित शर्मा, रौशन कुमार, रजत खत्री, कपिल कुमार, सविता देवी और वर्षा कुमारी को भी गिरफ्तार किया गया है। इनमें रजत खत्री और कपिल कुमार पर चोरी के सोने को खरीदने और गलाने का आरोप है, जबकि सविता देवी और वर्षा कुमारी मुख्य आरोपी की मां और बहन हैं, जिन्होंने चोरी के पैसे और गहनों को छिपाने में मदद की थी।
पुलिस ने आरोपियों के पास से 132.68 ग्राम सोने के आभूषण (कुछ गलाया हुआ), 23 लाख 39 हजार रुपये नकद, बिना नंबर की केटीएम मोटरसाइकिल और अलमारी तोड़ने में इस्तेमाल किए गए दो पेचकश बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी चिकारा के खिलाफ पहले से लहेरी, अस्थावां, बिहार और सोहसराय थानों में सात आपराधिक मामले दर्ज हैं। इस पूरी कार्रवाई में डीएसपी नुरुल हक, थानाध्यक्ष रंजीत कुमार रजक समेत कई पुलिस अधिकारी शामिल थे।

