Patna News: बिहार की राजनीति में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राज्य की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए उसे विकास के लगभग सभी मानकों पर विफल करार दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक के जरिए अपनी बात रखते हुए सरकार की नीतियों और कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए।
तेजस्वी यादव ने कहा कि पिछले करीब 21 वर्षों से बिहार में राजग की सरकार रही है, लेकिन इसके बावजूद राज्य विकास के प्रमुख सूचकांकों में देश के सबसे निचले पायदान पर बना हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि साक्षरता दर, प्रति व्यक्ति आय, किसानों की आमदनी, निवेश, उपभोग और बिजली खपत जैसे अहम क्षेत्रों में बिहार लगातार पिछड़ता जा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि जहां विकास के मामले में राज्य पीछे है, वहीं अपराध, बेरोजगारी, गरीबी, भ्रष्टाचार और पलायन जैसे नकारात्मक पहलुओं में बिहार शीर्ष राज्यों में शामिल हो गया है। उनके मुताबिक यह स्थिति सरकार की नीतिगत विफलता को दर्शाती है।
शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भी तेजस्वी ने गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि राज्य में स्कूलों में ड्रॉपआउट रेट काफी अधिक है और शिक्षक-छात्र अनुपात भी संतुलित नहीं है। वहीं स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति भी बदहाल है। उन्होंने दावा किया कि राज्य में डॉक्टरों के करीब 58 प्रतिशत पद खाली हैं, जिससे आम लोगों को पर्याप्त इलाज नहीं मिल पा रहा है।
तेजस्वी यादव ने राजग सरकार पर आरोप लगाया कि वह अपनी कमजोरियों को छिपाने के लिए चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे करती है और सरकारी तंत्र का दुरुपयोग करती है। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्रियों को खुली चुनौती देते हुए कहा कि वे बिहार के विकास के मुद्दे पर कहीं भी सार्वजनिक बहस के लिए तैयार हैं।
वहीं कांग्रेस ने भी तेजस्वी के बयान का समर्थन किया है। पार्टी के प्रवक्ता स्नेहाशीष वर्धन ने कहा कि लंबे समय से राज्य और केंद्र में राजग की सरकार रहने के बावजूद बिहार का अपेक्षित विकास नहीं हो पाया है। उन्होंने सरकार से अपील की कि वह केवल राजनीतिक बयानबाजी के बजाय वास्तविक विकास कार्यों पर ध्यान दे। कुल मिलाकर, बिहार में विकास को लेकर सियासत एक बार फिर गरमा गई है और आने वाले समय में यह मुद्दा और अधिक तूल पकड़ सकता है।


