तेजस्वी बोले– भाजपा शासित राज्यों से भेजे जा रहे सुरक्षाबल, चुनाव आयोग पर भी साधा निशाना
लिंग-अनुपात डेटा नहीं जारी करने पर तेजस्वी यादव की नाराजगी, कहा– पारदर्शिता पर सवाल
Patna News: बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण से पहले राजनीतिक माहौल गर्मा गया है। महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव ने सोमवार को चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि बिहार में दूसरे चरण के मतदान के दौरान केंद्रीय और अर्धसैनिक बलों की बड़ी संख्या में तैनाती की जा रही है, जिनमें से अधिकांश भाजपा शासित राज्यों से भेजे गए हैं।
तेजस्वी यादव ने पटना में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था में गंभीर असंतुलन देखा जा रहा है, जो चुनावी निष्पक्षता पर सवाल उठाता है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सत्ता पक्ष ने मतदान प्रक्रिया में किसी भी तरह का दखल दिया, तो उसकी राजनीतिक कीमत भाजपा को चुकानी पड़ेगी।
राजद नेता ने यह भी आरोप लगाया कि पहले चरण के मतदान के चार दिन बीत जाने के बाद भी लिंग-अनुपात आधारित मतदाता डेटा सार्वजनिक नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि यह लोकतांत्रिक पारदर्शिता के खिलाफ है और चुनाव आयोग को तत्काल इस पर स्पष्टीकरण देना चाहिए।
तेजस्वी ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, असम, राजस्थान और हरियाणा जैसे भाजपा शासित राज्यों से 200 से अधिक कंपनियां बिहार भेजी गई हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) जैसे तटस्थ बल उपलब्ध हैं, तो एकतरफा तरीके से इन राज्यों से बल क्यों बुलाए जा रहे हैं।
इसके साथ ही उन्होंने कई मतदान केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे बंद होने और कमजोर निगरानी की शिकायत की। तेजस्वी ने स्पष्ट कहा कि अगर चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी पाई गई, तो महागठबंधन परिणामों को स्वीकार नहीं करेगा और इस पर केंद्र व राज्य सरकारों को जवाब देना होगा।

