Patna News: बिहार में हालिया राजनीतिक बयानबाजी के बीच जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को कड़ा जवाब दिया है। रविवार को जारी एक तीखे बयान में उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव अपनी राजनीतिक नाकामियों को छुपाने के लिए चुनावी प्रक्रिया पर अनावश्यक और आधारहीन आरोप लगा रहे हैं, जो पूरी तरह गैर-जिम्मेदाराना रवैया है। उन्होंने कहा कि चुनावी प्रणाली पर सवाल उठाना न सिर्फ लोकतांत्रिक मर्यादाओं का उल्लंघन है, बल्कि बिहार की जनता द्वारा दिए गए जनादेश का भी अपमान है।
कुशवाहा ने कहा कि बिहार की जनता ने एक बार फिर स्पष्ट रूप से राजद के तथाकथित जंगलराज, भ्रष्टाचार की राजनीति और परिवारवाद की परंपरा को नकारते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सुशासन, न्याय के साथ विकास और सकारात्मक कार्यशैली पर भरोसा जताया है। जनता ने एनडीए को प्रचंड जनादेश दिया है, जिसे विपक्ष पचा नहीं पा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि करारी हार के बाद तेजस्वी यादव हताशा में बेसिर-पैर के बयान दे रहे हैं।
जदयू प्रदेश अध्यक्ष ने विपक्ष की दोहरी मानसिकता पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जब झारखंड में राजद समर्थित ‘इंडी गठबंधन’ की सरकार बनी, तब किसी ने चुनाव आयोग पर उंगली नहीं उठाई। वहां तेजस्वी के विधायक मंत्रिमंडल तक में शामिल हैं, लेकिन बिहार में हार के बाद चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर संदेह जताना यह दर्शाता है कि विपक्ष सुविधा के अनुसार राय तय करता है।
कुशवाहा ने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं पर लगातार अविश्वास व्यक्त करना लोकतंत्र के लिए चिंताजनक है। विपक्ष को जनादेश का सम्मान करना चाहिए और अपनी कमियों पर आत्मचिंतन करना चाहिए, न कि जनता को भ्रमित करने की कोशिश।

