New Delhi News: दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में बुधवार को हवा में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब कॉकपिट में मौजूद ओमानी को-पायलट ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर कथित तौर पर हमला कर दिया। हमले में गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित ने सूझबूझ दिखाई और कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। इसके बाद यात्रियों और क्रू सदस्यों ने हमलावर को काबू करने में मदद की। विमान को सऊदी अरब के तबूक में सुरक्षित उतारा गया। विमान में 174 यात्री और क्रू सदस्य सवार थे।
घटना के दौरान विमान हजारों फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा था और कुछ ही समय में इसकी ऊंचाई तेजी से कम हुई। रिपोर्टों के मुताबिक विमान ने करीब 14 हजार फीट की ऊंचाई बहुत कम समय में गंवाई। इसके बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया और विमान की सुरक्षित लैंडिंग कराई गई। घटना की जांच संबंधित अधिकारी कर रहे हैं।

हमले में चाकू या क्रैश ऐक्स का इस्तेमाल?
शुरुआती रिपोर्टों में कैप्टन स्मित पर चाकू से हमला किए जाने की जानकारी सामने आई थी। हालांकि, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बाद में कहा कि हमले में चाकू या विमान में मौजूद क्रैश ऐक्स का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है। इसलिए हथियार को लेकर अंतिम स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
विमानों में क्रैश ऐक्स एक आपातकालीन उपकरण के रूप में रखा जाता है। इसका इस्तेमाल सामान्य परिस्थितियों में नहीं, बल्कि आपात स्थिति में रास्ता बनाने या किसी हिस्से तक पहुंच बनाने के लिए किया जाता है। इस घटना में इसी उपकरण के कथित इस्तेमाल ने विमान की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।
पीएम मोदी ने की स्मित की तारीफ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की सराहना की। यूपीएससी के शताब्दी समारोह में उन्होंने कहा कि स्मित ने गंभीर खतरे के बावजूद धैर्य, सूझबूझ और साहस का परिचय दिया और 9/11 जैसी संभावित त्रासदी को टालने में भूमिका निभाई। प्रधानमंत्री ने उनके परिवार से भी बातचीत कर उनकी सेहत की जानकारी ली।
इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने भी कैप्टन स्मित की कार्रवाई को असाधारण साहस बताया है। भारतीय पायलट फिलहाल सऊदी अरब के तबूक में उपचाराधीन हैं और उनकी हालत स्थिर बताई गई है।
फ्लाईदुबई की इस घटना ने कॉकपिट सुरक्षा और उड़ान के दौरान क्रू सदस्यों की सुरक्षा को लेकर भी चर्चा तेज कर दी है। घटना के वास्तविक कारण और हमले के मकसद की जांच जारी है।



