Patna News:- बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक सरगर्मी तेज होती जा रही है। इसी बीच जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने भाजपा और उसके शीर्ष नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने जन सुराज उम्मीदवारों को धमकाकर और दबाव डालकर नामांकन वापस करवाया है।
पटना में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान प्रशांत किशोर ने कहा कि भाजपा अब जन सुराज से डरने लगी है, क्योंकि जनता पारंपरिक राजनीति से तंग आ चुकी है। उन्होंने कहा, “भाजपा की छवि बन गई है कि कोई भी जीते, सरकार वही बनाएंगे, लेकिन अब उन्हें हमारे बढ़ते प्रभाव से डर लग रहा है।”
उन्होंने दानापुर, गोपालगंज और ब्रह्मपुर सीटों के उदाहरण देते हुए कहा कि दानापुर से जन सुराज उम्मीदवार अखिलेश कुमार उर्फ मुटूर शाह को अमित शाह और धर्मेंद्र प्रधान ने दिनभर अपने साथ बिठाए रखा, ताकि वे नामांकन दाखिल न कर सकें। उन्होंने कहा कि “एक साधारण व्यवसायी को देश का गृह मंत्री बुला रहा है, यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत है।”
इसी तरह, ब्रह्मपुर से जन सुराज प्रत्याशी डॉ. सत्य प्रकाश तिवारी और गोपालगंज के डॉ. शशि शेखर सिन्हा को भी भाजपा नेताओं द्वारा धमकाकर नामांकन वापस लेने के लिए मजबूर किया गया। किशोर ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान के साथ इन प्रत्याशियों की तस्वीरें इस बात का प्रमाण हैं कि चुनाव प्रक्रिया पर बाहरी दबाव डाला जा रहा है।
प्रशांत किशोर ने दावा किया कि अब तक जन सुराज के 14 उम्मीदवारों पर विभिन्न तरह के दबाव बनाए गए हैं, जिनमें से तीन ने नामांकन वापस ले लिया, लेकिन बाकी 240 उम्मीदवार मजबूती से डटे हुए हैं। उन्होंने चुनाव आयोग से इस मामले में तत्काल संज्ञान लेने की मांग की।
इस मौके पर जन सुराज के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती, वरिष्ठ नेता सुभाष सिंह कुशवाहा, सरवर अली, मीडिया प्रभारी ओबैदुर रहमान और प्रवक्ता कैप्टेन राजीव रंजन सहित कई नेता मौजूद थे।

