Palamu News : झारखंड के पलामू जिला से एक अजीब लेकिन चर्चा में आया मामला सामने आया है। यहां पांच साल पहले हुई एक मुर्गी की मौत का केस अब दोबारा खुल गया है। साल 2021 में हुई इस घटना को लेकर अब 2026 में पुलिस ने जांच शुरू की है। जिस गांव में यह घटना हुई थी, वहां के मुखिया और उनके बटाईदार पर मुर्गी की हत्या का आरोप लगाया गया है। इस मामले ने इलाके में अंधविश्वास और ग्रामीण विवाद को लेकर फिर से बहस छेड़ दी है।
अंधविश्वास से जुड़ा था पूरा विवाद
यह मामला तरहसी थाना क्षेत्र के कसियाडीह गांव का बताया जा रहा है। साल 2021 में इसी गांव में अंधविश्वास को लेकर एक महिला के साथ मारपीट की घटना भी हुई थी। पीड़ित महिला ने अपने पड़ोस की तीन महिलाओं पर हमला करने का आरोप लगाया था। इस मामले में उस समय एफआईआर भी दर्ज कराई गई थी और पुलिस ने जांच शुरू की थी। अब मुर्गी की मौत का मामला उसी विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है।
खेत में जाने से हुई मुर्गी की मौत का आरोप
जानकारी के मुताबिक मारपीट की घटना से पहले गांव के मुखिया ने दोनों पक्षों के बीच पंचायत कराई थी। आरोप है कि पीड़ित महिला की मुर्गी मुखिया के खेत में चली गई थी और वहीं चरते समय उसकी मौत हो गई। इसके बाद मुर्गी के मालिक ने मुखिया और उनके बटाईदार पर हत्या और मारपीट का आरोप लगाया था। इस घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बन गया था और मामला पुलिस तक पहुंचा था।
भूत-प्रेत की बात कहकर मामला दबाने का आरोप
मुर्गी के मालिक ने यह भी आरोप लगाया कि मुखिया और बटाईदार ने कहा था कि मुर्गी की मौत भूत-प्रेत की वजह से हुई है। उन्होंने यह भी कहा था कि वे मुर्गी खा लेंगे और जुर्माना देने को तैयार हैं। लेकिन महिला इस बात से सहमत नहीं हुई और उसने आधिकारिक शिकायत दर्ज करा दी। अब पांच साल बाद पुलिस इस पूरे मामले को फिर से खंगाल रही है।
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पुलिस बोली – पूरे मामले की होगी जांच
सुरेश मंडल, जो पाटन क्षेत्र के इंस्पेक्टर हैं, उन्होंने बताया कि मुर्गी की मौत और मारपीट दोनों मामलों में शिकायत दर्ज है। उन्होंने कहा कि यह मामला अंधविश्वास से जुड़ा हुआ है और हर एंगल से जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना के समय असल में क्या हुआ था और क्या किसी तरह का अपराध हुआ था।
