Latehar News: जिले में सुरक्षा बलों को एक बड़ी सफलता मिली है। प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन झारखंड जनमुक्ति परिषद (जेजेएमपी) के सब जोनल कमांडर सुरेंद्र लोहरा उर्फ टाइगर ने गुरुवार को आत्मसमर्पण कर दिया। उस पर पांच लाख रुपये का इनाम घोषित था।
सुरेंद्र लोहरा ने लातेहार में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शैलेंद्र कुमार सिन्हा (पलामू आईजी) और कुमार गौरव (लातेहार एसपी) के समक्ष हथियार डालकर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया।
इस मौके पर आईजी शैलेंद्र कुमार सिन्हा ने कहा कि नक्सलवाद का रास्ता अब खत्म हो चुका है और इसमें शामिल लोगों के पास आत्मसमर्पण के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। उन्होंने कहा कि जो उग्रवादी आत्मसमर्पण करते हैं, उन्हें सरकार की “नई दिशा” योजना के तहत पुनर्वास, आर्थिक सहायता और अन्य सुविधाएं प्रदान की जाती हैं, ताकि वे सामान्य जीवन जी सकें।
वहीं, एसपी कुमार गौरव ने बताया कि सुरेंद्र लोहरा पिछले करीब 20 वर्षों से विभिन्न नक्सली संगठनों से जुड़ा रहा है और हाल के वर्षों में जेजेएमपी में सक्रिय था। उन्होंने इसे जिले में शांति स्थापना की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
पुलिस के अनुसार, पिछले डेढ़ वर्षों में जिले में 28 नक्सलियों और उग्रवादियों ने आत्मसमर्पण किया है, जो प्रशासन की लगातार कार्रवाई और पुनर्वास नीति की सफलता को दर्शाता है।
अंत में पुलिस अधिकारियों ने क्षेत्र में सक्रिय अन्य उग्रवादियों से भी अपील की कि वे हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण करें और सरकार की योजनाओं का लाभ उठाते हुए समाज की मुख्यधारा में शामिल हों।


