बाढ़ का पानी उतरते ही चमका मां चंडिका स्थान, नवरात्र में गंगाजल अर्पित कर सकेंगे भक्त
Munger News: गंगा के बाढ़ का पानी उतरने के बाद ऐतिहासिक मां चंडिका स्थान मंदिर में नवरात्र की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मंदिर परिसर और गर्भगृह की सफाई होने से श्रद्धालुओं ने राहत की सांस ली है। अब शारदीय नवरात्र के दौरान भक्त मां चंडिका के दर्शन-पूजन के साथ उन्हें गंगाजल भी अर्पित कर सकेंगे। बाढ़ के कारण इस परंपरा के प्रभावित होने की आशंका थी, लेकिन मंदिर न्यास समिति और जिला प्रशासन के प्रयास से मंदिर को पूजा के लिए तैयार कर दिया गया है।
बाढ़ के बाद मंदिर की लौटी रौनक
गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण बाढ़ का पानी मंदिर परिसर और गर्भगृह तक पहुंच गया था। इससे नवरात्र के दौरान पूजा और गंगाजल अर्पित करने की व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई थी। महालय से पहले युद्ध स्तर पर सफाई अभियान चलाया गया। न्यास समिति और प्रशासन की टीमों ने दिन-रात मेहनत कर परिसर की सफाई पूरी की, जिसके बाद मंदिर में नवरात्र की तैयारियां तेज हो गई हैं।

तीन किलोमीटर पैदल चलकर पहुंचते हैं श्रद्धालु
मुंगेर के चंडिका स्थान को देश के 52 शक्तिपीठों में शामिल माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि यहां मां सती का बायां नेत्र गिरा था। शारदीय नवरात्र के दौरान यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
मंदिर में गंगाजल अर्पित करने की विशेष परंपरा है। पहली पूजा से लेकर नौवीं पूजा तक हजारों भक्त कष्टहरणी गंगा घाट से गंगाजल भरते हैं और करीब तीन किलोमीटर पैदल चलकर मां चंडिका के दरबार पहुंचते हैं। इसके बाद माता को जल अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। मंदिर की सफाई पूरी होने से इस बार भी श्रद्धालु अपनी परंपरा का निर्वाह कर सकेंगे।
सुबह चार बजे से आम श्रद्धालुओं को दर्शन
मंदिर के मुख्य पुजारी नंदन बाबा और न्यास समिति के सचिव सौरव निधि के अनुसार, मंदिर का पट सुबह तीन बजे खोला जाएगा। विशेष आरती के बाद सुबह चार बजे से आम श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे।
सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण की विशेष व्यवस्था
नवरात्र में संभावित भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर में महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग प्रवेश द्वार बनाए गए हैं। भीड़ नियंत्रण के लिए बैरिकेडिंग की गई है। सुरक्षा व्यवस्था में पुलिस के जवानों के साथ न्यास समिति के करीब 200 वॉलंटियर तैनात रहेंगे। पूरे परिसर पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से नजर रखी जाएगी।
बाढ़ के कारण मंदिर परिसर में पैदा हुई परेशानी दूर होने के बाद अब श्रद्धालुओं को नवरात्र का इंतजार है। मां चंडिका के दर्शन और गंगाजल अर्पित करने की परंपरा को लेकर भक्तों में उत्साह है। मंदिर में उमड़ने वाली संभावित भीड़ के मद्देनजर प्रशासन और न्यास समिति ने व्यवस्था बनाए रखने की तैयारी की है।


