Koderma News: जिले के मरकच्चो प्रखंड के जामु पंचायत अंतर्गत हरिजन टोला स्थित उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय में बुधवार को मध्याह्न भोजन खाने के कुछ ही देर बाद दर्जनों बच्चों ने तेज पेट दर्द की शिकायत शुरू कर दी। कई बच्चे दर्द से कराहते हुए जमीन पर लेट गए। घटना के बाद विद्यालय परिसर में अफरा-तफरी की स्थिति उत्पन्न हो गई। बच्चों को विद्यालय प्रबंधन तथा ग्रामीणों ने तत्काल उन्हें निजी और अन्य वाहनों से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मरकच्चो पहुंचाया।
एक साथ बड़ी संख्या में बच्चों के अस्पताल पहुंचने से कुछ देर के लिए वहां भी अफरा-तफरी का माहौल बन गया। चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों ने तत्काल सभी बच्चों का उपचार शुरू किया। घटना की जानकारी मिलने के बाद बच्चों के अभिभावक भी अस्पताल पहुंचने लगे। करीब एक घंटे के उपचार के बाद बच्चों की स्थिति स्थिर और सामान्य बताई गई। देर शाम सभी बच्चों को इलाज के बाद घर भेज दिया गया।

चिकित्सकों के अनुसार, प्रथम दृष्टया मामला फूड पॉइजनिंग (खाद्य विषाक्तता) का प्रतीत हो रहा है। हालांकि बच्चों के अचानक बीमार पड़ने की वास्तविक वजह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी भी अस्पताल पहुंचे। जिला शिक्षा अधीक्षक अजय कुमार और अंचल अधिकारी परमेश्वर कुशवाहा समेत अन्य अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर बच्चों का हालचाल जाना और चिकित्सकों से उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। अधिकारियों ने बच्चों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
जिला शिक्षा अधीक्षक अजय कुमार ने कहा कि सभी बच्चे फिलहाल खतरे से बाहर हैं। घटना की जांच के लिए कमेटी गठित की जाएगी। जांच में यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के अनुसार, विद्यालय में कुल 84 बच्चे नामांकित हैं, जबकि बुधवार को करीब 59 बच्चे उपस्थित थे। बच्चों के लिए मध्याह्न भोजन में चावल, दाल और आलू-सोयाबीन की सब्जी बनाई गई थी। भोजन करने के बाद एक-एक कर बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी। विद्यालय की प्रधानाध्यापिका रेखा कुमारी ने बताया कि हर दिन की तरह बुधवार को भी बच्चों के लिए भोजन तैयार कराया गया था। भोजन करने के बाद बच्चों ने अचानक पेट दर्द की शिकायत की, जिसके बाद ग्रामीणों की मदद से सभी प्रभावित बच्चों को अस्पताल पहुंचाया गया। उन्होंने भोजन बनाने या खिलाने में किसी तरह की त्रुटि से इनकार किया।
वहीं, विद्यालय की रसोइया ने बताया कि भोजन बनाने से पहले चावल, दाल और सब्जियों को अच्छी तरह धोया गया था। इसके बावजूद बच्चों की तबीयत अचानक क्यों बिगड़ी, इसकी जानकारी उन्हें भी नहीं है। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और भोजन के कारणों की भी पड़ताल की जा रही है।
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