स्पिरिट में कैरेमल-एसेंस मिलाकर बन रही थी नकली शराब, उपकरण भी जब्त
Chatra News: उपायुक्त रवि आनंद के निर्देश पर उत्पाद विभाग की टीम ने मंगलवार को वशिष्ठनगर-जोरी थाना क्षेत्र के औरवा गांव में छापेमारी कर नकली विदेशी शराब तैयार करने वाली मिनी फैक्ट्री का उद्भेदन किया। कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में बोतलबंद शराब के साथ स्पिरिट, तैयार रंगीन शराब और नकली शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री व उपकरण बरामद किए गए। हालांकि छापेमारी की भनक लगते ही आरोपी मौके से फरार हो गए।

उत्पाद विभाग के अनुसार, यह कार्रवाई मिली गुप्त सूचना के आधार पर की गई। सूचना थी कि औरवा गांव निवासी दिलीप यादव उर्फ करण अपने घर में नकली शराब तैयार कर उसे त्योहार के दौरान बाजार में खपाने की तैयारी कर रहा है। सूचना के बाद उत्पाद अवर निरीक्षक अभिषेक आनंद के नेतृत्व में छापेमारी टीम गठित की गई। टीम ने पुलिस बल के साथ दिलीप यादव के घर पर दबिश दी।
तलाशी के दौरान विभिन्न कंपनियों और ब्रांड के नाम पर तैयार की गई 391 पेटी बोतलबंद शराब बरामद हुई। इन पेटियों में कुल 9,888 बोतलें थीं, जिनमें करीब 3,511.440 लीटर शराब पाई गई। बरामद शराब पर रॉयल स्टैग, रॉयल चैलेंज और आईकोनिक जैसे ब्रांड के लेबल लगाए गए थे।
इसके अलावा 39 गैलन में करीब 1,560 लीटर स्पिरिट, लगभग 2,000 लीटर तैयार रंगीन शराब और 40 लीटर कैरेमल भी बरामद किया गया। छापेमारी के दौरान नकली शराब तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले तीन बोतल पंचिंग मशीन, विभिन्न ब्रांड के लेबल, ढक्कन, एडहैसिव और बड़ी संख्या में खाली बोतलें भी जब्त की गईं।
उत्पाद विभाग के अधिकारियों के अनुसार, बरामद सामग्री से प्रथम दृष्टया बड़े पैमाने पर नकली शराब तैयार किए जाने की बात सामने आई है। बताया गया कि स्पिरिट में कैरेमल और एसेंस आदि मिलाकर शराब को तैयार किया जाता था और फिर विभिन्न ब्रांड के लेबल लगाकर उसे बाजार में खपाने की तैयारी थी।
छापेमारी के दौरान मुख्य आरोपी सहित अन्य लोग मौके से फरार हो गए। उत्पाद विभाग ने दिलीप यादव, अरुण कुमार तिवारी और मिथिलेश कुमार यादव समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ झारखंड उत्पाद अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी जारी है।
कार्रवाई में उत्पाद विभाग के अनूप प्रकाश, उत्पाद आरक्षी, गृहरक्षक बल, महिला गृहरक्षक और वशिष्ठनगर थाना पुलिस की टीम शामिल थी। विभाग ने नकली शराब के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाने के लिए भी जांच शुरू कर दी है।


