Rohtas News:- रोहतास जिले के कोचस नगर पंचायत में बुधवार की सुबह अफरा-तफरी मच गई, जब एक तेंदुआ वार्ड संख्या 3 में घुस आया और आधा दर्जन से अधिक लोगों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया। अचानक हुए इस हमले से पूरे इलाके में दहशत फैल गई। स्थानीय लोगों ने शोर मचाया, जिसके बाद तेंदुआ इधर-उधर भागते हुए नगर पंचायत क्षेत्र में तेजी से घूमने लगा।
तेंदुए ने कोचस के राजा पासवान, डॉ. देवा, मनीष ओझा समेत कई लोगों को पंजों और दांत से घायल कर दिया। घायलों का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा है। इसी दौरान रेस्क्यू अभियान में जुटे चार वनकर्मियों पर भी तेंदुए ने हमला कर उन्हें जख्मी कर दिया। हालांकि सभी की स्थिति खतरे से बाहर बताई गई है।
अर्द्धनिर्मित मकान में जा छिपा तेंदुआ
ग्रामीणों ने बताया कि तेंदुआ को कोरिगांवा गांव की ओर से सासाराम–चौसा रोड के किनारे झाड़ियों में घूमते देखा गया था। शोर होते ही वह भागता हुआ इस्लाम नगर स्थित एक अधबने मकान में घुस गया। देखते ही देखते चारों तरफ भीड़ जमा हो गई। प्रशासन को मौके पर भीड़ नियंत्रित करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
घंटों चले ऑपरेशन के बाद पकड़ा गया तेंदुआ
सूचना मिलते ही प्रखंड विकास पदाधिकारी चंद्रभूषण गुप्ता, अंचलाधिकारी विनीत ब्यास और थानाध्यक्ष नितीश कुमार की टीम मौके पर पहुंची और लोगों को सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह दी।
शाम होते-होते डीएफओ स्टेलिन फेडल कुमार के नेतृत्व में वन विभाग की रेस्क्यू टीम सासाराम से पहुंची। अंधेरा होने के बावजूद टीम ने कड़ी मशक्कत कर तेंदुए को सुरक्षित पकड़ लिया।
कैमूर पहाड़ी से भटका हुआ आया था तेंदुआ
डीएफओ स्टेलिन फेडल कुमार ने बताया कि तेंदुआ कैमूर पहाड़ी इलाके से भटककर आबादी वाले क्षेत्र में आ गया था। विशेषज्ञों की टीम उसे उपचार के लिए सासाराम ले जा रही है। पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद उसे कैमूर के जंगल में वापस छोड़ दिया जाएगा।
कोचस में हुई यह घटना फिर एक बार यह जताती है कि पहाड़ी क्षेत्रों के वन्यजीव भोजन और आश्रय की तलाश में आबादी वाले इलाकों की ओर बढ़ने लगे हैं, जिससे मानव–वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं बढ़ रही हैं।

