Patna News: बिहार में भूमि प्रबंधन को अधिक पारदर्शी और सरल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। राज्य के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने अब नागरिकों के लिए “परिमार्जन प्लस” नामक नई ऑनलाइन सुविधा शुरू की है, जिसके माध्यम से लोग अपनी जमीन से जुड़े रिकॉर्ड में सुधार या छूटी हुई जमाबंदी को डिजिटल रूप में दर्ज करा सकेंगे।
यह पहल नीतीश कुमार के नेतृत्व और उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा के मार्गदर्शन में लागू की गई है। सरकार ने इसे आम जनता के हित में एक बड़ी उपलब्धि बताते हुए लोगों से इसका अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील की है।
विभाग के अधिकारियों के अनुसार, अब लोगों को जमीन से संबंधित छोटी-छोटी त्रुटियों के सुधार के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। वे घर बैठे ही बिहारभूमि पोर्टल के माध्यम से अपनी समस्याओं का समाधान कर सकते हैं। इसके लिए आवेदकों को पोर्टल पर जाकर “परिमार्जन प्लस” विकल्प का चयन करना होगा।
जो उपयोगकर्ता पहले से पोर्टल पर पंजीकृत हैं, वे अपने मोबाइल नंबर के जरिए लॉगिन कर सकते हैं, जबकि नए उपयोगकर्ताओं को पहले रजिस्ट्रेशन करना अनिवार्य होगा। लॉगिन के बाद उन्हें दो प्रमुख विकल्प उपलब्ध होंगे—पहला, डिजिटल जमाबंदी में त्रुटियों का सुधार और दूसरा, जो जमाबंदी अभी तक कंप्यूटराइजेशन से छूट गई है, उसका डिजिटलीकरण।
इस नई सुविधा का मुख्य उद्देश्य भूमि अभिलेखों में मौजूद अशुद्धियों को दूर करना और पूरी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना है। इससे न केवल आम नागरिकों को राहत मिलेगी, बल्कि भूमि विवादों में भी कमी आने की उम्मीद है।
इसके अतिरिक्त, यदि किसी नागरिक को जमीन से जुड़ी कोई शिकायत या सुझाव देना है, तो वे जन शिकायत पोर्टल का भी उपयोग कर सकते हैं। विभाग का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से शिकायतों का निवारण भी तेजी से और प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा।
कुल मिलाकर, “परिमार्जन प्लस” सुविधा बिहार में ई-गवर्नेंस को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है। इससे भूमि प्रबंधन प्रणाली में सुधार आएगा और सरकारी कामकाज में पारदर्शिता बढ़ेगी, जिससे आम लोगों का भरोसा भी मजबूत होगा।


