Kishanganj News: पौआखाली नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि अहमद हुसैन उर्फ लल्लू मुखिया को पुलिस ने दुष्कर्म के एक मामले में पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी से गिरफ्तार किया है। आरोपी करीब चार सप्ताह से फरार चल रहा था। पुलिस ने गुप्त सूचना और मोबाइल लोकेशन के आधार पर कार्रवाई करते हुए उसे सिलीगुड़ी के एक होटल से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस आरोपी से पूछताछ कर मामले की जांच आगे बढ़ा रही है।
पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार के निर्देश पर आरोपी की गिरफ्तारी के लिए एसडीपीओ-2 मनोज कुमार सिंह के नेतृत्व में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया था। टीम पिछले कई दिनों से लल्लू मुखिया की तलाश में संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी सिलीगुड़ी के एक होटल में छिपा हुआ है।
सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने मोबाइल लोकेशन के जरिए इसकी पुष्टि की। लोकेशन की जानकारी सही पाए जाने पर एसआईटी ने होटल में छापेमारी की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था।
एसडीपीओ-2 मनोज कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी ने न्यायालय में अग्रिम जमानत के लिए याचिका भी दायर की थी, लेकिन न्यायालय ने उसकी याचिका खारिज कर दी। इसके बाद पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए अभियान और तेज कर दिया था। पुलिस को लगातार उसकी तलाश थी और आखिरकार सिलीगुड़ी में उसकी लोकेशन मिलने के बाद उसे पकड़ लिया गया।
यह मामला पौआखाली थाना क्षेत्र से जुड़ा है। एक महिला ने लल्लू मुखिया के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराते हुए दुष्कर्म का आरोप लगाया था। प्राथमिकी के अनुसार, 28 जुलाई की रात महिला, उसके पति और बेटी को बेटी से जुड़े विवाद का समाधान कराने के बहाने वाहन से ले जाया गया था।
महिला का आरोप है कि रास्ते में उसके पति को नशीला पदार्थ खिलाकर बेहोश कर दिया गया। इसके बाद उसे किशनगंज के एक होटल में ले जाया गया, जहां उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया गया। पीड़िता ने विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया है।
शिकायत में महिला ने यह भी आरोप लगाया कि मामले को दबाने के लिए उसे पांच लाख रुपये देने का प्रलोभन दिया गया था। शिकायत के आधार पर पौआखाली थाना में प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की थी। अब आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस पूरे मामले में उससे पूछताछ कर रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


