Bihar News : लखीसराय: बिहार में लागू पूर्ण शराबबंदी कानून के बीच लखीसराय पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए खगड़िया सदर के प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी (बीएसओ) दीपक कुमार भारद्वाज को शराब के नशे में गिरफ्तार किया है। उनके साथ मौजूद चालक दीपक कुमार को भी हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने सरकारी पहचान वाली हुंडई क्रेटा कार की तलाशी के दौरान पांच बोतल विदेशी शराब और पांच बोतल बीयर बरामद की है।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार अधिकारी मूल रूप से लखीसराय के पूर्वी कार्यानंद नगर, पावर ग्रिड के समीप के निवासी हैं और वर्तमान में खगड़िया सदर प्रखंड में प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। वहीं चालक दीपक कुमार बेगूसराय जिले का निवासी बताया गया है।
जानकारी के मुताबिक, दोनों सरकारी पहचान वाली हुंडई क्रेटा कार से लखीसराय पहुंचे थे। वाहन के आगे “जिला प्रशासन“ और पीछे “आपूर्ति पदाधिकारी” का बोर्ड लगा हुआ था। संदेह होने पर पुलिस ने वाहन को रोककर तलाशी ली। तलाशी के दौरान कार से पांच बोतल विदेशी शराब और पांच बोतल बीयर बरामद हुई। इसके बाद दोनों को हिरासत में लेकर मेडिकल जांच कराई गई।
मेडिकल जांच में प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी द्वारा शराब सेवन की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने उन्हें बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम के तहत गिरफ्तार कर लिया। चालक से भी पूछताछ की जा रही है और मामले की जांच जारी है।
जांच के दौरान पुलिस को एक और महत्वपूर्ण जानकारी मिली। पुलिस के मुताबिक, दीपक कुमार भारद्वाज लखीसराय थाना कांड संख्या 185/26 में पहले से फरार चल रहे थे। इस मामले में उनके खिलाफ न्यायालय से गिरफ्तारी वारंट भी जारी था, लेकिन वह अब तक गिरफ्तारी से बच रहे थे। मौजूदा कार्रवाई के बाद अब उस मामले में भी आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद शराब कहां से लाई गई थी, उसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाना था और सरकारी पहचान वाले वाहन का उपयोग किन परिस्थितियों में किया जा रहा था। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं है।
बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू होने के बावजूद एक सरकारी अधिकारी की शराब के नशे में गिरफ्तारी और सरकारी पहचान वाले वाहन से शराब बरामद होने की घटना ने प्रशासनिक महकमे में हलचल मचा दी है। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


