Jharkhand News: झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी की नियुक्ति परीक्षाओं को लेकर चल रहे विवाद के बीच सोमवार को जांच तेज हो गई। नियुक्ति घोटाले की जांच कर रही अपराध अनुसंधान विभाग (CID) की टीम ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) के कार्यालय में छापेमारी की। इस दौरान आयोग के सचिव सुधीर गुप्ता सहित कई सदस्यों और अधिकारियों से पूछताछ किए जाने की जानकारी सामने आई है। सुधीर गुप्ता के आवास पर भी जांच एजेंसी की कार्रवाई चल रही है।
बताया जा रहा है कि CID ने यह कार्रवाई नियुक्ति घोटाले की अब तक हुई जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर की है। जांच एजेंसी को गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ के दौरान JSSC की विभिन्न नियुक्ति प्रक्रियाओं में कथित पैसों के लेनदेन और परीक्षा में गड़बड़ी से जुड़ी अहम जानकारियां मिली थीं। इन्हीं बिंदुओं की पड़ताल के लिए आयोग कार्यालय और संबंधित अधिकारियों के ठिकानों पर कार्रवाई की जा रही है।
दरअसल, JPSC नियुक्ति घोटाले की जांच के दौरान गिरफ्तार आरोपितों ने पूछताछ में JSSC की नियुक्तियों को लेकर भी कई जानकारी दी थी। आरोपितों ने कथित तौर पर विभिन्न पदों के लिए आयोजित चयन प्रक्रियाओं में गड़बड़ी और पैसों के लेनदेन से जुड़ी बातें स्वीकार की थीं। इसके बाद जांच का दायरा बढ़ाते हुए JSSC की नियुक्तियों को भी जांच के दायरे में लिया गया है।
अब तक इस मामले में अभय तिवारी समेत करीब 20 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी
अब तक इस मामले में अभय तिवारी समेत करीब 20 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जांच एजेंसी का आरोप है कि अधिकारियों और परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी से कथित सांठगांठ कर पैसे लेकर सीटें उपलब्ध कराने का खेल किया गया। इसी मामले में JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते को भी CID गिरफ्तार कर चुकी है।
इधर, नियुक्ति परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर झारखंड में छात्र आंदोलन भी जारी है। छात्रों का आरोप है कि JPSC और JSSC की परीक्षाओं में पारदर्शिता नहीं बरती गई। विपक्षी भाजपा भी छात्रों के आंदोलन को समर्थन दे रही है। छात्र 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने की चेतावनी दे चुके हैं। इससे पहले छात्र विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस कार्रवाई का सामना कर चुके हैं। कई छात्र पिछले 24 दिनों से अनशन पर हैं।
CID की मौजूदा कार्रवाई के बाद छात्रों ने जांच एजेंसी की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। छात्रों का कहना है कि JSSC-CGL परीक्षा की जांच भी CID ने की थी और अपनी रिपोर्ट में पेपर लीक से इनकार किया था। अब नियुक्ति प्रक्रिया में गड़बड़ी और पेपर लीक से जुड़े नए आरोप सामने आने के बाद जांच को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
फिलहाल CID की कार्रवाई और पूछताछ जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि JSSC की किन नियुक्ति प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताएं हुईं और इसमें किन लोगों की भूमिका सामने आती है।


