Close Menu
Today Post Live
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Monday, 9 March 2026 || 20:11
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    • Terms and Conditions
    • News Submit
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Today Post Live
    • होम
    • देश
    • विदेश
    • राजनीति
    • चुनाव
    • झारखंड
      • कोडरमा
      • खूंटी
      • गढ़वा
      • गिरिडीह
      • गुमला
      • गोड्डा
      • चतरा
      • चाईबासा
      • जमशेदपुर
      • जामतारा
      • दुमका
      • देवघर
      • धनबाद
      • पलामू
      • पाकुड़
      • बोकारो
      • रांची
      • रामगढ़
      • लातेहार
      • लोहरदगा
      • सराइकेला-खरसावां
      • साहेबगंज
      • सिमडेगा
      • हज़ारीबाग
    • बिहार
      • अररिया
      • अरवल
      • औरंगाबाद
      • कटिहार
      • किशनगंज
      • खगड़िया
      • गया
      • गोपालगंज
      • जमुई
      • जहांबाद
      • दरभंगा
      • नवादा
      • नालंदा
      • पटना
      • पश्चमी चंपारण
      • पुरनिया
      • पूर्वी चंपारण
      • बक्सर
      • बांका
      • बेगूसराय
      • भभुआ
      • भागलपुर
      • भोजपुर
      • मधुबनी
      • मधेपुरा
      • मुंगेर
      • मुजफ्फरपुर
      • रोहतास
      • लखीसराय
      • वैशाली
      • शिवहर
      • शेखपुरा
      • समस्तीपुर
      • सारण
      • सहरसा
      • सिवान
      • सीतामढ़ी
      • सुपौल
    • व्यापार
    • खेल
      • क्रिकेट
    • मनोरंजन
      • बॉलीवुड
      • हॉलीवुड
    • शिक्षा
    Today Post Live
    Home»Headline»IITF 2025 में चमका झारखंड पवेलियन, तसर उत्पादन में देश का नेतृत्व कर रहा है राज्य
    Headline

    IITF 2025 में चमका झारखंड पवेलियन, तसर उत्पादन में देश का नेतृत्व कर रहा है राज्य

    today post liveBy today post liveNovember 20, 2025No Comments3 Mins Read
    Facebook Twitter WhatsApp Telegram Email
    Share
    Facebook Twitter WhatsApp Telegram Email
    WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now

    New Delhi News:- भारत अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला (IITF) 2025 में झारखंड पवेलियन इस वर्ष विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इसकी मुख्य वजह है तसर सिल्क के क्षेत्र में झारखंड की राष्ट्रीय पहचान, जहां देश के कुल तसर उत्पादन का लगभग 70 प्रतिशत अकेले यह राज्य देता है। यह उपलब्धि झारखंड की संपन्न प्राकृतिक विरासत, ग्रामीण कौशल और विशेष रूप से महिलाओं की बढ़ती आर्थिक भूमिका का प्रमाण है।

    झारखंड ने तसर उत्पादन के क्षेत्र में खुद को देश का अग्रणी राज्य साबित किया है। राज्य में तसर से जुड़ा संपूर्ण इकोसिस्टम तेजी से विकसित हो रहा है—कोकून उत्पादन, प्रसंस्करण, धागा निर्माण और तैयार उत्पाद—सभी चरणों में ग्रामीण आजीविका के बड़े अवसर निर्मित हो रहे हैं। वर्तमान में राज्य में 100 कोकून संरक्षण केंद्र और 40 परियोजना केंद्र संचालित हैं।

    साल 2001 में जहां तसर का उत्पादन मात्र 90 मीट्रिक टन था, वहीं 2024–25 में यह बढ़कर 1,363 मीट्रिक टन हो गया है। इस तेज वृद्धि ने झारखंड को देश की तसर राजधानी के रूप में स्थापित कर दिया है।

    तसर उद्योग की इस प्रगति के केंद्र में ग्रामीण और आदिवासी समुदाय की महिलाएं हैं। तसर से जुड़े 50 से 60 प्रतिशत कार्य महिलाएं ही करती हैं। खासतौर पर यार्न उत्पादन पूरी तरह महिला कर्मियों द्वारा किया जाता है, जिससे उन्हें स्थायी आय, कौशल और आर्थिक आत्मनिर्भरता मिली है।

    महिलाओं को और सशक्त करने के लिए उद्योग विभाग, रेशम निदेशालय, झारक्राफ्ट और JSLPS द्वारा विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। कॉमन फैसिलिटी सेंटर (CFC) में 30 से 60 महिलाएं एक साथ प्रशिक्षण, उत्पादन और उद्यमिता गतिविधियों से जुड़ रही हैं। युवा रियरर्स और किसानों को भी सेरीकल्चर आधारित प्रशिक्षण देकर नए रोजगार अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

    पवेलियन में कोकून से धागा निकालने का लाइव प्रदर्शन आकर्षण का केंद्र

    झारखंड पवेलियन में तसर उत्पादन की सबसे बड़ी खासियत लाइव डेमो के माध्यम से दिखाई जा रही है। यहां महिला कारीगर कोकून उबालने से लेकर धागा निकालने और तैयार करने की पारंपरिक प्रक्रिया का प्रदर्शन कर रही हैं। “तम्सुम” इसी धागे से करघे पर कपड़ा बुनने की कला प्रस्तुत करती हैं, जो दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण बना हुआ है।

    यह प्रदर्शन न केवल झारखंड की तसर विरासत को सामने लाता है, बल्कि महिलाओं की प्रमुख भूमिका और ग्रामीण आजीविका की मजबूत नींव को भी दर्शाता है।

    पवेलियन में झारक्राफ्ट द्वारा प्रदर्शित तसर उत्पाद, हस्तशिल्प और ग्रामीण कारीगरी ने झारखंड की सांस्कृतिक सम्पन्नता को राष्ट्रीय मंच पर प्रभावशाली रूप से प्रस्तुत किया है। IITF में प्रदर्शित ये उत्कृष्ट उत्पाद कारीगरों के आर्थिक सशक्तिकरण की कहानी बयां करते हैं।

    IITF 2025 में झारखंड पवेलियन तसर की चमक, महिलाओं का परिश्रम और ग्रामीण समृद्धि का अनूठा संगम प्रस्तुत कर रहा है, जो राज्य के उज्ज्वल भविष्य की प्रेरक झलक देता है।

    WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
    Share. Facebook Twitter WhatsApp Telegram Pinterest LinkedIn Tumblr Email

    Related Posts

    गिरिडीह में बिहार STF की बड़ी कार्रवाई, दो नक्सली गिरफ्तार

    March 9, 2026

    रजरप्पा मंदिर में श्रद्धालु से मारपीट, वीडियो वायरल होने पर चार पुलिसकर्मी निलंबित

    March 9, 2026

    प्रोजेक्ट चीता को बड़ी सफलता, कूनो नेशनल पार्क में ज्वाला बनी तीसरी बार मां,पांच शावकों को दिया जन्म, भारत में संख्या हुई 53

    March 9, 2026
    Social
    • Facebook
    • Twitter
    • Instagram
    • YouTube
    • LinkedIn
    • Pinterest
    • Telegram
    • WhatsApp

    Trending News

    गिरिडीह में बिहार STF की बड़ी कार्रवाई, दो नक्सली गिरफ्तार

    रजरप्पा मंदिर में श्रद्धालु से मारपीट, वीडियो वायरल होने पर चार पुलिसकर्मी निलंबित

    प्रोजेक्ट चीता को बड़ी सफलता, कूनो नेशनल पार्क में ज्वाला बनी तीसरी बार मां,पांच शावकों को दिया जन्म, भारत में संख्या हुई 53

    नालंदा में 73 लाख की चोरी का खुलासा, मां-बहन समेत 8 आरोपी गिरफ्तार,सोने के गहनों को बनाता था निशाना, कुख्यात चोर चिकारा पुलिस के हत्थे चढ़ा

    Bihar News : बिहार-बंगाल के जिलों को मिलाकर केंद्रशासित प्रदेश बनाने की चर्चा पर सियासी घमासान

    © 2026 TODAYPOST NEWS NETWORK. Designed by Microvalley Infotech Pvt Ltd.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.