Araia News:- जन सुराज पार्टी ने सोमवार को अपने प्रत्याशियों की दूसरी सूची जारी कर दी है। इस सूची में अररिया जिले के नरपतगंज विधानसभा क्षेत्र से चार बार के पूर्व विधायक जनार्दन यादव को उम्मीदवार बनाया गया है। जनार्दन यादव लंबे समय तक भाजपा से जुड़े रहे हैं और पार्टी से चार बार विधायक रह चुके हैं।
भाजपा में लगातार उपेक्षा से आहत होकर कुछ दिन पहले ही उन्होंने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था और प्रशांत किशोर के नेतृत्व वाले जन सुराज दल का दामन थाम लिया था। जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर और राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय सिंह ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई थी, जिसके बाद अब उन्हें टिकट भी दे दिया गया है।
जनार्दन यादव अररिया जिले में भाजपा के पुराने और सक्रिय कार्यकर्ता रहे हैं। वे जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में हुए छात्र आंदोलन के दौरान उभरे नेताओं में से एक हैं। उस दौर में उन्होंने दो बार मीसा कानून के तहत जेल भी काटी थी और भागलपुर केंद्रीय कारा में कई महीने बंद रहे थे।
उन्होंने 1977 में पहली बार विधानसभा चुनाव जीता था, लेकिन उम्र सीमा से संबंधित कारणों के चलते पटना हाईकोर्ट ने उनकी सदस्यता रद्द कर दी थी। बाद में 1980 के मध्यावधि चुनाव में भाजपा ने दोबारा उन पर भरोसा जताया, और उन्होंने शानदार जीत दर्ज की। इसके बाद 2000 और 2005 के चुनावों में भी वे भाजपा के टिकट पर विजयी हुए।
2015 के चुनाव में हालांकि वे जीत नहीं सके, और उसके बाद पार्टी में उनकी सक्रियता धीरे-धीरे कम होती गई। 2020 में भाजपा ने जयप्रकाश यादव को टिकट दिया, जिन्होंने जीत दर्ज की। लगातार उपेक्षा से नाराज होकर जनार्दन यादव ने भाजपा से नाता तोड़ लिया।
उम्मीदवारी मिलने पर उन्होंने कहा कि “नरपतगंज की जनता ने हमेशा स्नेह और विश्वास दिया है, और इस बार भी वही प्यार मिलेगा।”

