Jamshedpur News: जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच बाढ़ का खतरा बढ़ता जा रहा है। बागबेड़ा इलाके के निचले हिस्सों में बाढ़ का पानी घुसने से करीब 30 घर प्रभावित हुए हैं। घरों में पानी प्रवेश करने के बाद लोगों की परेशानी बढ़ गई है। प्रभावित परिवारों को अपने सामान और परिवार की सुरक्षा की चिंता सता रही है। लोगों ने प्रशासन से तत्काल राहत और जलनिकासी की व्यवस्था कराने की मांग की है।
इधर, खरकई नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। फ्लड सेल, जमशेदपुर की 1 सितंबर की दैनिक रिपोर्ट के मुताबिक आदित्यपुर ब्रिज साइट पर खरकई नदी का जलस्तर 131.070 मीटर दर्ज किया गया। यहां खतरे का निशान 129.00 मीटर है। यानी नदी खतरे के निशान से 2.07 मीटर ऊपर बह रही है। रिपोर्ट में जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी का रुख दर्ज किया गया है।
क्षेत्र में 27.02 मिलीमीटर बारिश भी रिकॉर्ड की गई है। लगातार बारिश और नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जमशेदपुर और आदित्यपुर के नदी किनारे तथा निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा और बढ़ गया है।
गंजिया बैराज के सभी 15 गेट खुले
गंजिया बैराज में भी पानी की भारी आवक बनी हुई है। स्थिति को देखते हुए बैराज के सभी 15 गेट पूरी तरह खोल दिए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार बैराज से करीब 4251.74 क्यूमेक पानी छोड़ा जा रहा है। इससे खरकई नदी में पानी का दबाव और बढ़ने की आशंका है।
सुवर्णरेखा भी खतरे के करीब
खरकई के साथ सुवर्णरेखा नदी का जलस्तर भी चिंता बढ़ा रहा है। मानगो ब्रिज साइट पर सुवर्णरेखा नदी का जलस्तर 121.340 मीटर दर्ज किया गया है, जबकि खतरे का निशान 121.50 मीटर है। इस तरह नदी खतरे के निशान से महज 0.160 मीटर नीचे है और इसका जलस्तर भी बढ़ रहा है।
मानगो क्षेत्र में सुबह छह बजे तक 10 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। दोनों नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी को देखते हुए प्रशासन ने नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
प्रशासन ने लोगों से नदी और जलजमाव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है। खासकर बच्चों को ऐसे स्थानों पर नहीं जाने देने की सलाह दी गई है। जरूरत पड़ने पर प्रभावित परिवारों को सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी भी की जा रही है।
फ्लड सेल और प्रशासनिक अधिकारी नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। रिपोर्ट में दर्ज आंकड़े सीडब्ल्यूसी एनसी गेज स्टेशन, जमशेदपुर से प्राप्त किए गए हैं। जलस्तर में और बढ़ोतरी होने की स्थिति में प्रभावित इलाकों में आवश्यक राहत एवं बचाव कदम उठाने की तैयारी जारी है।


