Araria News:- जिले के फारबिसगंज अनुमंडल क्षेत्र के अमहारा पंचायत में झोला छाप डॉक्टर की लापरवाही से एक महिला की मौत हो गई। मृतका की पहचान असमीना खातून, पति मो. अनवर, वार्ड संख्या 10 निवासी के रूप में हुई है। मामले की शुरुआत कुछ दिन पहले हुई, जब असमीना खातून खेत में घास काटते समय कचिया से घायल हो गईं। अंगुली में गहरा जख्म होने पर वह पास के ही वार्ड संख्या 11 में बेबी ड्रग्स नामक दुकान और अवैध क्लिनिक चलाने वाले पिंटू कुमार मंडल उर्फ संजीत कुमार मंडल के पास पहुंचीं। वहां पिंटू ने जख्म का ड्रेसिंग किया और कुछ दवाइयां खाने के लिए दे दीं।
लेकिन घाव में सुधार न होने पर सोमवार को पति मो. अनवर अपनी पत्नी को दोबारा पिंटू के पास ले गए। इस बार पिंटू ने महिला को एक इंजेक्शन दिया। अनवर का आरोप है कि इंजेक्शन कमर में दिए जाने की जगह नस में लगाया गया। इंजेक्शन लगते ही असमीना की हालत बिगड़ने लगी और वह बेहोश हो गईं।
स्थिति गंभीर देख पिंटू अपनी बाइक से महिला को फारबिसगंज अनुमंडलीय अस्पताल ले जाने लगा। लेकिन रास्ते में दिनदयाल चौक पर उसने तेल खत्म होने का बहाना बनाकर पति-पत्नी को ई-रिक्शा से अस्पताल भेज दिया और खुद पीछे आने की बात कहकर गायब हो गया। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने महिला को मृत घोषित कर दिया।
घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और पुलिस अस्पताल व गांव पहुंचे। मृतका असमीना खातून का मायका बैले पोठिया बताया जा रहा है। वह तीन बच्चों की मां थीं।
फारबिसगंज थानाध्यक्ष राघवेंद्र सिंह ने बताया कि परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया है और अभी तक कोई लिखित शिकायत भी थाने में दर्ज नहीं कराई गई है। लिखित शिकायत मिलने पर विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है और एक बार फिर झोला छाप डॉक्टरों की लापरवाही पर सवाल खड़े हो गए हैं।

