गुस्साए लोगों की भीड़ ने पुलिस की मौजूदगी में ही आरोपी को छीन लिया और उसकी बेरहमी से पिट कर मार डाला
Bihar News: बिहार के अररिया जिले के फारबिसगंज में ठेला लगाने को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद देखते ही देखते खौफनाक हिंसा में बदल गया, जिसमें दो लोगों की जान चली गई। यह घटना फारबिसगंज थाना क्षेत्र के कृषि उत्पादन बाजार समिति के गेट नंबर दो के पास हुई, जिससे पूरे इलाके में तनाव फैल गया है।
पुलिस के अनुसार, ठेला लगाकर सत्तू और अनानास बेचने वाले राहुल चौहान का पिकअप वाहन चालक नबी हुसैन से किसी बात को लेकर विवाद हो गया। यह विवाद इतना बढ़ गया कि राहुल चौहान ने कथित तौर पर धारदार हथियार से नबी हुसैन की गला रेतकर हत्या कर दी। मृतक नबी हुसैन जोगबनी नगर परिषद क्षेत्र के अमौना वार्ड 21 का निवासी था।
घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी ठेला दुकानदार मौके से भागकर कृषि उत्पादन बाजार समिति परिसर में बन रहे एक गोदाम के पास झाड़ियों में छिप गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को झाड़ियों से बाहर निकालकर अपनी कस्टडी में ले लिया।
हालांकि, इसके बाद हालात और बिगड़ गए। घटना से गुस्साए लोगों की भीड़ ने पुलिस की मौजूदगी में ही आरोपी को छीन लिया और उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी। भीड़ के हमले में आरोपी की भी मौके पर ही मौत हो गई। इस तरह यह मामला डबल मर्डर में बदल गया।
घटना के बाद इलाके में भारी आक्रोश फैल गया। स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। कृषि उत्पादन बाजार समिति के गेट, सुभाष चौक सहित कई स्थानों पर सड़क जाम कर दी गई और आगजनी की घटनाएं भी सामने आईं।
मौके पर फारबिसगंज के एसडीएम अभय कुमार तिवारी, एसडीपीओ मुकेश कुमार साहा और थानाध्यक्ष मनोज कुमार समेत कई थानों की पुलिस पहुंची और हालात को नियंत्रित करने का प्रयास किया। अधिकारियों ने लोगों को समझाने-बुझाने की कोशिश की और स्थिति को धीरे-धीरे काबू में किया।
एसडीपीओ मुकेश कुमार साहा ने बताया कि यह पूरा मामला ठेला लगाने को लेकर हुए विवाद से शुरू हुआ। उन्होंने कहा कि पहले पिकअप चालक की निर्मम हत्या की गई, उसके बाद आरोपी की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और एफएसएल टीम की मदद ली जाएगी। साथ ही, आरोपी पर हमला करने वाले लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इलाके में पुलिस बल तैनात है और स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।
अनुमंडलीय अस्पताल लेकर जाने के बाद अस्पताल में भी आक्रोशितों ने प्रदर्शन किया और तोड़फोड़ की
दो मर्डर के बाद मामले को लेकर स्थिति तनावपूर्ण हो गई और आक्रोशित लोगों ने सड़क जाम कर दिया और सड़क पर आगजनी कर प्रदर्शन किया। आक्रोशित लोगों ने पुलिस द्वारा सत्तू विक्रेता को फारबिसगंज अनुमंडलीय अस्पताल लेकर जाने के बाद अस्पताल में भी आक्रोशितों ने प्रदर्शन किया और तोड़फोड़ की।
एम्बुलेंस,अस्पताल में तोड़फोड़ और प्रदर्शन के दौरान पुलिस को आक्रोशितों को शांत करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी।प्रदर्शनकारी लाठी डंडा और बांस बल्ला लिए हुए था।जिसके कारण अनुमंडलीय अस्पताल में थोड़ी देर के लिए अफरातफरी का माहौल पैदा हो गया।लेकिन तुरंत ही बड़ी संख्या में पुलिस के पहुंच जाने के कारण प्रदर्शनकारियों को अस्पताल से बाहर निकाला गया।प्रदर्शनकारियों ने बाहर खड़े एम्बुलेंस में तोड़फोड़ की और अंदर में भी अस्पताल के समानों को नुकसान पहुंचाया।
अनुमंडलीय अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मी बैद्यनाथ साह ने बताया कि अस्पताल में जब मरीज को लाया गया तो पीछे से बड़ी संख्या में लोग लाठी डंडा बांस और बल्ले के साथ पहुंच गए और हंगामा करने लगे।लोगों ने अस्पताल के अंदर तोड़फोड़ और गाली गलौज करने लगे।जिसके कारण अस्पताल में अफरातफरी का माहौल पैदा हो गया और अस्पताल के कर्मचारी सुरक्षित ठिकाने की ओर भागने लगे।इसी दौरान भारी संख्या में पुलिस बलों के पहुंचने के बाद अस्पताल से सबों को बाहर निकाला गया।सुरक्षाकर्मी ने अस्पताल के अंदर और बाहर एम्बुलेंस में भी तोड़फोड़ करने की बात स्वीकार की।
मामले पर एसपी जितेन्द्र कुमार ने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है।अस्पताल में भीड़ की पिटाई से घायल सत्तू विक्रेता के लाने पर अस्पताल में लोग घुस गए थे,लेकिन तुरंत पुलिस के द्वारा सबों को बाहर निकालकर शांत कराया।एसपी ने स्थिति पूरी तरह शांत और नियंत्रण में होने की बात कही और किसी तरह के अफवाह पर ध्यान नहीं देने की बात कही।


