Chatra Air Ambulance Crash : चतरा में हुए दर्दनाक एयर एंबुलेंस क्रैश ने पूरे झारखंड को झकझोर दिया है। रांची से दिल्ली के लिए उड़ान भरने वाली रेड बर्ड की निजी चार्टर एयर एंबुलेंस चतरा जिले के सिमरिया क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस भयावह हादसे में मरीज, पायलट, डॉक्टर समेत कुल सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय प्रशासन ने तत्काल राहत व बचाव कार्य शुरू किया। हादसे की खबर फैलते ही राज्यभर में शोक की लहर दौड़ गई।
DGCA की टीम जांच में जुटी, रांची एयरपोर्ट से शुरू हुई पड़ताल
घटना के बाद नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी है। मंगलवार को DGCA की टीम रांची पहुंची और सबसे पहले रांची एयरपोर्ट पर टेक ऑफ से जुड़े दस्तावेजों और प्रक्रियाओं की जांच की। टीम ने टेक ऑफ के समय मौसम की स्थिति, फ्लाइट क्लियरेंस, पायलट की ब्रीफिंग, एयर ट्रैफिक कंट्रोल से समन्वय और सुरक्षा मानकों के पालन की बारीकी से समीक्षा की। खराब मौसम की आशंका को भी जांच के दायरे में रखा गया है।
सिमरिया में मलबे की जांच, ब्लैक बॉक्स की तलाश
एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार, DGCA की टीम बुधवार सुबह रांची से चतरा के सिमरिया स्थित घटनास्थल के लिए रवाना होगी। वहां दुर्घटनास्थल पर मलबे की स्थिति, तकनीकी उपकरणों, इंजन के हिस्सों और ब्लैक बॉक्स (यदि उपलब्ध) की जांच की जाएगी। टेक ऑफ से लेकर दुर्घटनास्थल तक के पूरे रूट की तकनीकी मैपिंग की जाएगी, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि हादसा तकनीकी खराबी, मानवीय त्रुटि या मौसम संबंधी कारणों से हुआ।
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कई सवालों के घेरे में हादसा, रिपोर्ट का इंतजार
जांच पूरी करने के बाद टीम रांची लौटकर प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार करेगी। फिलहाल कई सवाल उठ रहे हैं—क्या टेक ऑफ से पहले सभी सुरक्षा नियमों का पालन किया गया था? क्या मौसम संबंधी चेतावनियों को नजरअंदाज किया गया? राज्य सरकार और केंद्र की एजेंसियां मिलकर मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं। अंतिम रिपोर्ट के बाद ही हादसे के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
