Patna News:- मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को नवीन पुलिस केंद्र, पटना परिसर में 700 क्षमता वाले पुरुष सिपाही बैरक (जी+7) ब्लॉक-ए तथा केंद्रीकृत रसोई-सह-भोजनालय (जी+4) का फीता काटकर और शिलापट्ट का अनावरण कर उद्घाटन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पुलिस बलों की सुविधा और कल्याण से जुड़ी इन योजनाओं को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे ड्यूटी के दौरान आने वाली कई व्यावहारिक समस्याओं का समाधान होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पटना पुलिस केंद्र में रहने वाले पुलिसकर्मियों को अब तक भोजन और राशन की व्यवस्था स्वयं करनी पड़ती थी, जिससे समय और श्रम दोनों की बर्बादी होती थी। इस समस्या के समाधान के लिए पुलिस लाइन में ‘जीविका दीदी की रसोई’ की शुरुआत की जा रही है। इसके माध्यम से यहां तैनात लगभग तीन हजार पुलिस बलों को सस्ती दरों पर पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। इससे पुलिसकर्मी अपनी ड्यूटी और जिम्मेदारियों को अधिक बेहतर ढंग से निभा सकेंगे।
उन्होंने बताया कि इस पहल से लगभग 120 जीविका दीदियों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा, जिससे महिलाओं की आर्थिक सशक्तिकरण को भी बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने इसके बाद पटना पुलिस लाइन के विस्तार को लेकर फेज-2 में प्रस्तावित 266 करोड़ रुपये की योजनाओं के मॉडल का अवलोकन किया और अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली।
पुलिस महानिदेशक ने जानकारी दी कि फेज-2 के अंतर्गत सार्जेंट मेजर आवास, पुरुष एवं महिला सिपाही बैरक, यूएस और एलएस क्वार्टर, सेवक क्वार्टर, विद्यालय भवन, सीवर लाइन, ट्यूब्यूलर फायरिंग रेंज और ऑडिटोरियम का निर्माण किया जाएगा। वहीं फेज-1 के अंतर्गत प्रशासनिक भवन, महिला एवं पुरुष सिपाही बैरक तथा केंद्रीकृत रसोई एवं भोजनालय का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है, जिसका उद्घाटन आज किया गया।
इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने केंद्रीकृत रसोई-सह-भोजनालय का निरीक्षण किया और प्रथम तल पर जाकर जीविका दीदियों से बातचीत भी की। उल्लेखनीय है कि ‘जीविका दीदी की रसोई’ की शुरुआत वर्ष 2018 में वैशाली के सदर अस्पताल से हुई थी और आज राज्यभर में 334 केंद्रों पर इसका सफल संचालन हो रहा है। इससे न केवल लोगों को सस्ता और पौष्टिक भोजन मिल रहा है, बल्कि हजारों महिलाओं को रोजगार के अवसर भी प्राप्त हो रहे हैं।

