रांची।
राज्य के नगर निगम के मेयरों के अधिकारों में कटौती के आदेश को झारखंड हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। इसको लेकर याचिकाकर्ता रांची निवासी संजय कुमार की ओर से अधिवक्ता अपराजिता भारद्वाज और तान्या सिंह ने उच्च न्यायालय में बुधवार को जनहित याचिका दाखिल की है।
याचिका में कहा गया है कि महाधिवक्ता के मंतव्य के आधार पर राज्य सरकार ऐसा निर्देश जारी नहीं कर सकती है। महाधिवक्ता ने नगरपालिका अधिनियम और संवैधानिक प्रावधानों की गलत व्याख्या की है, जिसकी वजह से मेयर के अधिकार सीमित कर दिए गए हैं। सरकार के निर्देश पर नगर निगम में होने वाली बैठक की तिथियां निर्धारित करने वाले एजेंडा तय करने का अधिकार नगर आयुक्त और सीईओ को दे दिया गया है। जबकि यह अधिकार मेयर के हैं।
रिट में कहा गया है कि महाधिवक्ता का मंतव्य नगरपालिका अधिनियम के विपरीत है। इससे शहरी क्षेत्र के मतदाताओं द्वारा निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के अधिकारों को कम किया गया है। रिट में सरकार के आदेश को निरस्त करने की प्रार्थना की गई है।


