पटना। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में सफल 2,027 अभ्यर्थियों के लिए गुरुवार का दिन बेहद खास रहा। पटना के बापू सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नवनियुक्त पदाधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सभी सफल अभ्यर्थियों को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए इसे उनके जीवन का ऐतिहासिक अवसर बताया। उन्होंने कहा कि एक साथ इतनी बड़ी संख्या में नियुक्ति पत्र का वितरण अपने आप में नया रिकॉर्ड है।
मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकारी सेवा सिर्फ नौकरी नहीं है, बल्कि यह जनता की सेवा और जनकल्याण का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि पदाधिकारियों के ईमानदार, संवेदनशील और समर्पित कार्यों से समाज के लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा। बिहार जितना अधिक जिम्मेदारी और ईमानदारी से काम करेगा, राज्य उतनी ही तेजी से विकास की राह पर आगे बढ़ेगा।
सम्राट चौधरी ने कहा कि ‘विकसित भारत’ और ‘समृद्ध बिहार’ के निर्माण के लिए सरकार के साथ समाज के प्रत्येक वर्ग और नागरिक की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने युवाओं को बिहार की विकास यात्रा का महत्वपूर्ण सहभागी बताते हुए नवनियुक्त पदाधिकारियों से पूरी निष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने रोजगार के क्षेत्र में सरकार की उपलब्धियां और भविष्य की योजनाएं भी गिनाईं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2020 से 2025 के बीच 12 लाख सरकारी नौकरियां और 50 लाख रोजगार उपलब्ध कराए गए हैं। वहीं, 2025 से 2030 के बीच एक करोड़ युवाओं के लिए नौकरी और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने बताया कि बिहार का बजट बढ़कर 3.47 लाख करोड़ रुपये हो गया है। राज्य में शहरी विकास को गति देने के लिए 12 नई टाउनशिप विकसित करने की योजना है। इसके अलावा पीपीपी मॉडल के जरिए विभिन्न क्षेत्रों में निवेश और विकास को बढ़ावा दिया जाएगा।
औद्योगीकरण को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार को स्टील हब बनाने के साथ सेमीकंडक्टर, न्यूक्लियर एनर्जी और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
उन्होंने कहा कि बेहतर सड़क और आधारभूत संरचना का लाभ आम लोगों को मिल रहा है। सड़क संपर्क बेहतर होने से अब पटना से बोधगया करीब डेढ़ घंटे में पहुंचना संभव हो गया है।
अंत में मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त पदाधिकारियों से जनता का विश्वास जीतने और सरकारी सेवाओं को समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराने की अपील की। उन्होंने ‘सहयोग कार्यक्रम’ का उल्लेख करते हुए कहा कि लोगों की शिकायतों का निर्धारित 30 दिनों के भीतर निवारण सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकारी सेवा में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति का मूल उद्देश्य जनता का सेवक बनकर बिहार की उन्नति में योगदान देना होना चाहिए।


