Central News Desk – मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले स्थित कूनो राष्ट्रीय उद्यान से वन्यजीव संरक्षण के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। यहां नामीबिया से लाई गई मादा चीता ज्वाला ने सोमवार को पांच शावकों को जन्म दिया है। इस नई खुशी के साथ ही भारत में चीतों की कुल संख्या बढ़कर 53 हो गई है।
केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया के माध्यम से इसे ‘प्रोजेक्ट चीता’ की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।
वन मंत्री भूपेंद्र यादव ने भी इसे भारत के वन्यजीव संरक्षण अभियान के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि ज्वाला तीसरी बार मां बनी है और इस बार उसने पांच स्वस्थ शावकों को जन्म दिया है। इसके साथ ही भारत में जन्मे चीतों की संख्या 33 तक पहुंच गई है।
मादा चीता ज्वाला मूल रूप से अफ्रीकी देश नामीबिया से लाई गई थी। सितंबर 2022 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने जन्मदिन के अवसर पर कूनो राष्ट्रीय उद्यान में आठ नामीबियाई चीतों को छोड़ा था। उस समय ज्वाला का नाम ‘सियाया’ था, जिसे बाद में बदलकर ज्वाला रखा गया।
कूनो आने के बाद ज्वाला ने यहां के वातावरण में खुद को अच्छी तरह ढाल लिया और अब वह पार्क की सबसे सफल मादा चीताओं में गिनी जाती है। उसने पहली बार मार्च 2023 में चार शावकों को जन्म दिया था, हालांकि उनमें से केवल एक ही जीवित बच पाया। इसके बाद जनवरी 2024 में उसने तीन शावकों को जन्म दिया था।
वन विभाग के अनुसार ज्वाला और उसके पांचों नवजात शावक पूरी तरह स्वस्थ हैं। विशेषज्ञों की टीम सीसीटीवी और फील्ड मॉनिटरिंग के जरिए उनकी निगरानी कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस बार ज्वाला की मेटिंग खुले जंगल में प्राकृतिक रूप से हुई थी, जो इस बात का संकेत है कि चीते अब कूनो के वातावरण में पूरी तरह अनुकूल हो चुके हैं।
फिलहाल देश में कुल 53 चीते हैं, जिनमें से 50 कूनो नेशनल पार्क में और तीन गांधी सागर अभयारण्य में मौजूद हैं। कूनो में लगातार सफल प्रजनन को ‘प्रोजेक्ट चीता’ के भविष्य के लिए बेहद सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
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