Viratnagar(nepal) :- क्षेत्र में अपराध और सुरक्षा से जुड़े मामलों के बीच नेपाल पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए केसीनो के नाम पर फर्जी भारतीय आधार कार्ड के इस्तेमाल का सनसनीखेज खुलासा किया है। मोरंग जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने विराटनगर स्थित बिग होटल और रत्ना होटल में संचालित केसीनो पर छापेमारी कर 20 नेपाली नागरिकों को गिरफ्तार किया है।
मोरंग के पुलिस अधीक्षक कोवित कटुवाल ने बताया कि छापेमारी के दौरान कई नेपाली नागरिक भारतीय नागरिक बनकर केसीनो में प्रवेश करते पाए गए। जांच में सामने आया कि फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल कर नियमों को दरकिनार किया जा रहा था। गिरफ्तार लोगों में केसीनो के उच्च पदस्थ कर्मचारी जेनजी अगुवा भी शामिल हैं।
सहायक प्रमुख जिला अधिकारी सरोज कोइराला ने बताया कि डबल वेरीफिकेशन प्रक्रिया के दौरान आरोपियों के पास मौजूद असली एटीएम कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस से उनकी असल पहचान सामने आई, जिससे फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई सीमा पार अपराध और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के उद्देश्य से की गई है।
जानकारों के अनुसार, भारतीय नागरिकों को केसीनो की ओर आकर्षित करने के लिए संचालकों ने जोगबनी, फारबिसगंज, अररिया और पूर्णिया जैसे सीमावर्ती इलाकों में एजेंट तैनात कर रखे थे। ये एजेंट मोबाइल नंबर उपलब्ध कराकर केसीनो में कार्यरत महिलाओं से वीडियो कॉल पर बातचीत कराते थे, जिससे लोग जुए की लत में फंस जाते थे। इस कारण कई परिवार आर्थिक संकट, कर्ज और पलायन जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं।
प्रशासन के मुताबिक रत्ना होटल में संचालित सम्राट क्यासिनो प्रा.लि. और बिग होटल में संचालित चैंपियन जोन के संचालकों के राजनीतिक दलों से जुड़े होने की भी चर्चा है। गिरफ्तार आरोपियों में केसीनो निदेशक रामकृष्ण गौतम (45), हरी भट्ट, सुरेन्द्र बहादुर चन्द, खेम श्रेष्ठ, मेदनी शिवाकोटी, साजन साह समेत कई कर्मचारी शामिल हैं।
इसके अलावा लोकेन्द्र बहादुर बस्नेत, पवन गोस्वामी, कृष्ण कुमार कुर्मी, बबिक कुमार मण्डल, राज लामा, रुपेश दहाल, आदेश, मो. जाकिर हुसैन, तेजराज गिरी, घनश्याम शर्मा, सुरज राय, सन्तोष बस्नेत, प्रमोद घिमिरे और रोशन गिरी को भी गिरफ्तार किया गया है।
प्रशासन ने सभी आरोपियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की सख्त कार्रवाई से केसीनो, फर्जी दस्तावेज और संगठित अपराध से जुड़े नेटवर्क पर प्रभावी अंकुश लगेगा और सीमा क्षेत्र में आम नागरिकों की सुरक्षा मजबूत होगी।

