Raipur News:- छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में आज शुक्रवार को नक्सल उन्मूलन के इतिहास का एक बड़ा अध्याय लिखा जाएगा। राज्य की भाजपा सरकार की सख्त नक्सल विरोधी नीति और रणनीतिक प्रयासों के चलते 200 से अधिक माओवादी कैडर आज मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के समक्ष आत्मसमर्पण करेंगे। यह आत्मसमर्पण कार्यक्रम बस्तर में आयोजित किया गया है, जिसमें राज्य के गृहमंत्री विजय शर्मा और बस्तर रेंज आईजी पी. सुंदरराज सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे।
बस्तर आईजी पी. सुंदरराज ने जानकारी दी कि आत्मसमर्पण करने वालों में नक्सल संगठन के कई बड़े चेहरे शामिल हैं। इनमें केंद्रीय कमेटी मेंबर रूपेश उर्फ आसन्ना, दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के सक्रिय सदस्य भास्कर और राजू सलाम, तथा नक्सली प्रवक्ता राणीता भी सरेंडर करने वालों में शामिल हैं।
आईजी के अनुसार, माड़ डिवीजन से करीब 158 नक्सली, जिनमें 70 नक्सली अपने हथियारों के साथ, आत्मसमर्पण करेंगे। वहीं, कांकेर क्षेत्र के 50 नक्सलियों में से 39 नक्सली भी अपने हथियार पुलिस को सौंपेंगे।
सरकार का कहना है कि यह आत्मसमर्पण कार्यक्रम राज्य की नक्सल उन्मूलन रणनीति की बड़ी सफलता है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास, शिक्षा और पुनर्वास पर जोर दिया जा रहा है, जिसका असर अब जमीन पर दिखने लगा है।
अधिकारियों के मुताबिक, आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी अब मुख्यधारा में लौटकर समाज में योगदान देंगे। सरकार ने उन्हें पुनर्वास योजना के तहत आर्थिक सहायता, सुरक्षा और रोजगार के अवसर देने का भरोसा दिया है।
बस्तर में इतने बड़े पैमाने पर आत्मसमर्पण से नक्सली संगठनों की कमर टूटने की संभावना जताई जा रही है। यह छत्तीसगढ़ में शांति और विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।

