Patna News: बिहार विधानसभा चुनाव के बीच सोशल मीडिया पर चल रही राजनीतिक गतिविधियों पर अब आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) की कड़ी नजर है। चुनावी सरगर्मी के बीच ईओयू ने बुधवार को सख्त कार्रवाई करते हुए राज्य की तीन प्रमुख राजनीतिक पार्टियों—भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (राजद)—के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
ईओयू के डीआईजी मानवजीत सिंह ढिल्लों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि जांच के दौरान तीनों दलों के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट्स पर कई ऐसे पोस्ट मिले हैं, जो भड़काऊ, धार्मिक और जातीय नफरत फैलाने वाले माने गए। इन पोस्ट्स को चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन बताते हुए संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
ढिल्लों ने कहा कि ईओयू की साइबर मॉनिटरिंग टीम लगातार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की निगरानी कर रही है। टीम ने इन पोस्ट्स का तकनीकी विश्लेषण किया और प्रमाण मिलने के बाद यह कार्रवाई की। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर नजर रखने के लिए एक स्पेशल इलेक्शन सेल बनाया गया है, जो तीन शिफ्टों में 24 घंटे काम कर रहा है। इस सेल का उद्देश्य चुनाव के दौरान किसी भी अफवाह, फेक न्यूज या नफरत फैलाने वाली सामग्री को तुरंत ट्रैक कर कार्रवाई करना है।
ईओयू की रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ पोस्ट्स में धर्म और जाति के नाम पर भड़काऊ भाषा का प्रयोग किया गया था, जिससे समाज में तनाव बढ़ने की आशंका थी। जांच में यह भी पाया गया कि ये पोस्ट्स केवल सामान्य यूजर्स द्वारा नहीं बल्कि कुछ पार्टी के प्रमाणित कार्यकर्ताओं और आधिकारिक हैंडल्स से साझा किए गए थे।
ईओयू ने साफ किया कि चुनावी माहौल में डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कोई भी दल, उम्मीदवार या व्यक्ति अगर नफरत फैलाने की कोशिश करेगा तो उसके खिलाफ तुरंत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

