Bhagalpur News: विक्रमशिला सेतु पर मरम्मत कार्य के कारण वाहनों का परिचालन बंद होने के बीच भागलपुर और नवगछिया के बीच शुरू की गई विशेष जहाज सेवा में बुधवार को बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया। बियाडा गंगा घाट के रैंप पर यात्रियों से भरे दो जहाज आपस में टकरा गए। टक्कर के बाद घाट पर अफरातफरी मच गई और जहाजों पर सवार यात्रियों में चीख-पुकार शुरू हो गई। हालांकि, राहत की बात यह रही कि हादसे में किसी यात्री के घायल होने की सूचना नहीं है।
जानकारी के अनुसार, बियाडा गंगा घाट पर यात्रियों को अधिक से अधिक बैठाने और परिचालन के समय को लेकर दो संवेदकों के बीच विवाद चल रहा था। इसी दौरान घाट के रैंप पर दो जहाजों के बीच टक्कर हो गई। बताया गया कि सरकारी जहाज एमवी स्वामी परमहंस पर यात्री सवार हो रहे थे। इसी दौरान दूसरे संवेदक का जहाज वहां पहुंचा और स्वामी परमहंस के पिछले हिस्से से टकरा गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर के समय दोनों जहाजों पर यात्री मौजूद थे। जहाजों के पिछले हिस्से में टक्कर होने के कारण बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद यात्रियों में काफी देर तक दहशत का माहौल बना रहा। गनीमत रही कि किसी यात्री के नदी में गिरने या गंभीर रूप से घायल होने की सूचना सामने नहीं आई।
बताया जा रहा है कि विक्रमशिला सेतु पर मरम्मत कार्य के चलते पुल से वाहनों का आवागमन बंद है। ऐसे में भागलपुर और नवगछिया के बीच आवागमन सुचारु रखने के लिए जिला प्रशासन और सरकार के समन्वय से बियाडा गंगा घाट से विशेष जहाज सेवा शुरू की गई है। बड़ी संख्या में लोग इस सेवा का इस्तेमाल कर रहे हैं।
घटना के पीछे जहाजों के परिचालन की समय-सारणी को लेकर संवेदकों के बीच विवाद को प्रमुख वजह बताया जा रहा है। जहाज इंचार्ज तारिक उमर के अनुसार, घाट पर जहाजों के संचालन के समय को लेकर संवेदकों में विवाद चल रहा है। उनका कहना है कि समय-सारणी को लेकर स्पष्ट व्यवस्था नहीं होने से परेशानी पैदा हो रही है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यात्रियों की संख्या बढ़ाकर अधिक कमाई करने की होड़ में सुरक्षा नियमों की अनदेखी की जा रही है। उनका कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो भविष्य में इससे बड़ा हादसा हो सकता है।
घटना की जानकारी प्रशासन को दे दी गई है। स्थानीय लोगों और यात्रियों ने मांग की है कि प्रशासन मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करे तथा जहाजों के परिचालन के लिए स्पष्ट और सुरक्षित टाइम टेबल लागू करे। यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए घाट पर निगरानी व्यवस्था मजबूत करने की भी मांग की गई है।


