Jharkhand News: झारखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने कहा कि छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने और प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली की सीबीआई जांच कराने तक भाजपा का आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि छात्रों के साथ अन्याय के खिलाफ भाजपा कार्यकर्ता लगातार सड़क पर उतरकर आवाज उठाते रहेंगे।
आदित्य साहू बुधवार को भाजपा के सरायकेला-खरसावां जिला संगठन की ओर से जिला मुख्यालय के समक्ष आयोजित धरना-प्रदर्शन को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उपायुक्त कार्यालय का घेराव किया। बाद में उपायुक्त को विभिन्न मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा गया।

साहू ने राज्य की झामुमो-कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए भ्रष्टाचार और खनिज संपदाओं के कथित दोहन के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि बालू, कोयला, पत्थर और जमीन के बाद अब युवाओं के रोजगार और भविष्य के साथ भी कथित तौर पर खिलवाड़ किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि झामुमो सत्ता में आने से पहले जल, जंगल और जमीन की रक्षा की बात करती थी, लेकिन सत्ता में आने के बाद इन्हीं संसाधनों के कथित सौदे किए जा रहे हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने राज्य में विकास कार्य प्रभावित होने का आरोप लगाते हुए अस्पताल, सड़क और स्कूल जैसी बुनियादी सुविधाओं की स्थिति पर भी सवाल उठाया।
स्थानीय युवाओं के चयन का मुद्दा उठाया
आदित्य साहू ने सरकारी नौकरियों में स्थानीय युवाओं के हितों की अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि कुछ मामलों में स्थानीय भाषाओं की जानकारी नहीं रखने वाले अभ्यर्थियों का चयन हुआ, जबकि संबंधित भाषाओं का ज्ञान रखने वाले अभ्यर्थी चयन से वंचित रह गए।
सीजीएल परीक्षा को लेकर उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि चयनित छात्रों को कथित रूप से देश से बाहर ले जाकर प्रश्नपत्र के प्रश्न और उत्तर रटवाए गए। उन्होंने दावा किया कि बाद में परीक्षा में 150 में से 120 प्रश्न कथित तौर पर वही आए। भाजपा नेता ने इस पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग दोहराई।
छात्र आंदोलन का भी किया जिक्र
साहू ने कहा कि छात्र जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से 26 दिनों तक अनशन पर बैठे। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलनकारियों को परेशान करने के लिए रात में बिजली-पानी की आपूर्ति बंद की गई और शौचालय तक बंद कर दिए गए। भारी बारिश के बावजूद छात्रों को टेंट लगाने की अनुमति नहीं दिए जाने का भी उन्होंने आरोप लगाया।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने दावा किया कि आंदोलन के दौरान राज्य के कई जिलों में छात्रों के साथ मारपीट हुई और करीब एक हजार छात्रों पर मामले दर्ज किए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन समाप्त कराने के उद्देश्य से छात्रों के घरों और छात्रावासों में रात के समय पुलिस छापेमारी भी की गई।
साहू ने स्पष्ट किया कि जब तक छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए जाते और परीक्षा में कथित धांधली की सीबीआई जांच नहीं कराई जाती, भाजपा सरकार की नीतियों के खिलाफ आंदोलन जारी रखेगी।
एमएमडीआर विधेयक के मुद्दे पर उन्होंने इसे झारखंड के हित में बताया। साथ ही राज्य सरकार की कोयला और लौह अयस्क पर सेस लगाने की नीति पर सवाल उठाया। उन्होंने दावा किया कि इससे खनिजों की बिक्री प्रभावित हुई और राज्य को राजस्व का नुकसान हुआ है।
उन्होंने राज्य सरकार के संरक्षण में कोयला और लौह अयस्क के कथित अवैध खनन का आरोप लगाते हुए कहा कि वैध खनन को बढ़ावा देने से इसका लाभ गांवों, गरीबों और मजदूरों तक पहुंच सकता है। साहू ने लोगों से एमएमडीआर विधेयक को लेकर झामुमो-कांग्रेस के कथित दुष्प्रचार से सावधान रहने की अपील की।


