Jamshedpur News: जमशेदपुर के कदमा स्थित एयर बेस कॉलोनी के ब्रह्मलोकधाम में रविवार को गुरुजी और गुरुमां के जन्मोत्सव के अवसर पर सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया गया। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और ब्रह्मलोकधाम के संयुक्त सहयोग से आयोजित इस समारोह में झारखंड के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे 50 जनजातीय जोड़े विवाह के बंधन में बंधे। कार्यक्रम का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को विवाह के खर्च से राहत देना और जरूरतमंदों को सामाजिक सहयोग उपलब्ध कराना था।
50 जोड़ों ने शुरू की नई जिंदगी

समारोह में विभिन्न जनजातीय समुदायों के जोड़ों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ वैवाहिक जीवन की शुरुआत की। इनमें दिव्यांग कुसुम मंडा के साथ अनिता उरांव और लक्ष्मण उरांव सहित अन्य जोड़े भी शामिल रहे। आयोजन के दौरान जय श्री गुरु और जय श्री मां के उद्घोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
ब्रह्मलोकधाम के संचालक मोनु भट्टाचार्य ने बताया कि गुरुजी और गुरुमां के जन्मोत्सव पर सामूहिक विवाह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बसंत कुमार मित्तल और उनके सहयोगियों का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा।
पिछले वर्ष 25, इस बार 50 जोड़ों का विवाह
अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बसंत कुमार मित्तल ने बताया कि वर्ष 2025 में 25 जोड़ों का सामूहिक विवाह कराया गया था। इस वर्ष संख्या बढ़ाकर 50 कर दी गई। झारखंड प्रांत के सेवा प्रमुख अशोक अग्रवाल ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर ग्रामीण परिवारों को बच्चों की शादी कराने में कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसे परिवारों की मदद के उद्देश्य से पिछले दस वर्षों से यह पहल जारी है।
उनके अनुसार, इस पहल के तहत अब तक लगभग 3,500 विवाह संपन्न कराए जा चुके हैं।
हर जोड़े को घरेलू सामान और 1,100 रुपये नकद
आयोजकों के मुताबिक, समारोह में प्रत्येक नवविवाहित जोड़े को लगभग 10 हजार रुपये मूल्य के घरेलू उपयोग के सामान के साथ 1,100 रुपये नकद दिए गए। इसके अलावा बिरसासेव नयास की ओर से सभी जोड़ों को विवाह प्रमाणपत्र भी प्रदान किए गए। इस सहायता का उद्देश्य नवदंपतियों को गृहस्थ जीवन की शुरुआत में सहयोग देना है।
सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि रहे मौजूद
समारोह में विहिप के प्रांत प्रमुख देवेंद्र गुप्ता, अग्रवाल जिला सम्मेलन के अध्यक्ष मंटू अग्रवाल, सुशील लखल, मनीष अग्रवाल, ज्योति कुमारी, सपना और विहिप के दिलीप श्रीवास्तव सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
आयोजकों ने कहा कि सामूहिक विवाह जैसी पहल से जरूरतमंद परिवारों पर आर्थिक बोझ कम करने के साथ सामाजिक सहयोग, सेवा और सामुदायिक सहभागिता की भावना को मजबूत किया जा सकता है। समारोह में शामिल नवदंपतियों को नई जिंदगी की शुरुआत के लिए शुभकामनाएं दी गईं।


