Palamu News: जिले में अंधविश्वास के कारण हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। नौडीहा बाजार थाना क्षेत्र के मंगराडीह गांव के शाहपुर टोला में 61 वर्षीय सीताराम की हत्या कर दी गई। पुलिस के अनुसार, मृतक पर डायन-बिसाही कराने का संदेह जताते हुए वारदात को अंजाम दिया गया। मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी सोनू राम (53) को गिरफ्तार कर लिया है। उसकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया लकड़ी के बेंट वाला टांगी भी बरामद किया गया है।
शुक्रवार को छतरपुर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) प्रशांत कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले का खुलासा किया। पुलिस के मुताबिक, 21 अक्टूबर को सीताराम की हत्या हुई थी। घटना के बाद मृतक के परिजनों ने आशंका जताई थी कि डायन-बिसाही के आरोप में उनकी हत्या की गई है। जांच के दौरान पुलिस को इसी अंधविश्वास और संदेह से जुड़ा मामला सामने आया।

भतीजे की मौत के बाद बढ़ा संदेह
पुलिस जांच के अनुसार, महंग राम के 23 वर्षीय पुत्र विवेक कुमार की तबीयत पिछले कुछ दिनों से खराब थी। उसे इलाज के लिए रांची ले जाया गया था, जहां 20 अक्टूबर की रात उसकी मौत हो गई। विवेक की मौत के बाद उसके चाचा सोनू राम और परिवार के कुछ अन्य सदस्यों को संदेह हुआ कि सीताराम की कथित डायन-बिसाही के कारण युवक की जान गई है।
पुलिस के अनुसार, इसी अंधविश्वास के चलते सीताराम की गला घोंटकर और टांगी से वार कर हत्या की गई। हालांकि, किसी की बीमारी या मौत को डायन-बिसाही से जोड़ने का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है।
आरोपी गिरफ्तार, टांगी बरामद
मामले की जांच के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सोनू राम को गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल किया गया टांगी बरामद किया गया है। छापेमारी दल में नौडीहा बाजार थाना प्रभारी नीरज कुमार, सहायक अवर निरीक्षक मो. आलम शेख, राजेश बैठा और थाना के सशस्त्र बल शामिल थे।
अंधविश्वास के खिलाफ पुलिस की अपील
पलामू के पुलिस अधीक्षक कपिल चौधरी ने लोगों से डायन-बिसाही जैसी कुप्रथाओं से दूर रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति की बीमारी, मृत्यु या अन्य दुर्भाग्यपूर्ण घटना के लिए किसी महिला या पुरुष को जिम्मेदार ठहराना गलत है। ऐसे आरोपों के कारण निर्दोष लोगों को प्रताड़ना, सामाजिक बहिष्कार और हिंसा का सामना करना पड़ता है।
एसडीपीओ प्रशांत कुमार ने भी स्पष्ट किया कि अंधविश्वास के आधार पर किसी को प्रताड़ित करने या कानून अपने हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से बीमारी की स्थिति में चिकित्सकीय सहायता लेने और अफवाहों से बचने की अपील की।


