Nawada/Koderma News: नरहट प्रखंड के छोटीपाली गांव से करीब दो माह पूर्व लापता हुई पूनम देवी के अपहरण मामले का पुलिस ने शुक्रवार को खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, महिला की हत्या करने के बाद उसके शव को झारखंड के कोडरमा घाटी क्षेत्र में फेंक दिया गया था। मामले में पुलिस ने तीन अप्राथमिकी अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। घटना में इस्तेमाल किए गए दो वाहनों को भी जब्त किया गया है।गिरफ्तार आरोपितों की पहचान हिसुआ थाना क्षेत्र के मनवां निवासी चुन्नू सिंह, हादसा निवासी शशि चंद्र उर्फ टुल्लू सिंह और बेलारू निवासी विपिन उर्फ अंकित राज के रूप में हुई है। पुलिस इनसे पूछताछ के आधार पर मामले की अन्य कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।
नवादा पहुंचे रजौली एसडीपीओ केतन इंगोले ने बताया कि मामले के उद्भेदन में नरहट थानाध्यक्ष गौतम कुमार और अनुसंधानकर्ता पूजा कुमारी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस ने वैज्ञानिक और तकनीकी अनुसंधान के आधार पर कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की थी। पूछताछ के दौरान आरोपितों ने महिला की हत्या कर उसके शव को कोडरमा घाटी में फेंकने की बात स्वीकार की।
पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान घटनास्थल से मृतका के कपड़े और कुछ मानव हड्डियां बरामद की गई हैं। मौके पर एफएसएल की टीम पहुंचकर वैज्ञानिक साक्ष्य जुटा रही है। बरामद मानव अवशेषों की जांच के बाद ही उनकी पहचान और हत्या से जुड़े अन्य तथ्यों की पुष्टि हो सकेगी।
एसडीपीओ के मुताबिक, मृतका पूनम देवी ने पूर्व में शशि चंद्र उर्फ टुल्लू सिंह के खिलाफ हिसुआ थाना में दुष्कर्म की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इस मामले में हिसुआ थाना कांड संख्या 73/21 दर्ज किया गया था। पुलिस अब इस पुराने मामले और महिला की हत्या के बीच संभावित संबंधों की भी जांच कर रही है।वहीं, पूनम देवी की पुत्री काजल कुमारी ने अपनी मां के लापता होने की शिकायत 2 जुलाई 2026 को नरहट थाना में दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर नरहट थाना कांड संख्या 210/26 दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की थी।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है। बरामद मानव अवशेषों की फोरेंसिक जांच, तकनीकी साक्ष्य और आरोपितों से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


