Chatra News: शहर के केसरी चौक में बुधवार को घर में दाखिल-कब्जे और निर्माण कार्य को लेकर चल रहे विवाद ने गंभीर रूप ले लिया। विवाद के दौरान आग लगने से मां-बेटा झुलस गए। हादसे में रीना देवी करीब 80 प्रतिशत तक झुलस गईं, जबकि उनके बेटे धीरज कुमार को भी आग से चोट लगी। दोनों को आनन-फानन में सदर अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद रीना देवी की गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए हजारीबाग मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
जानकारी के अनुसार, केसरी चौक स्थित उक्त घर को लेकर स्वर्गीय नरेश कसेरा और प्रदीप गोस्वामी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। मामला न्यायालय तक पहुंचा था। परिजनों का कहना है कि न्यायालय के आदेश के बाद घर की डिग्री प्रदीप गोस्वामी के पक्ष में हुई है।
इधर, डीसीएम उर्फ करण यादव की ओर से उक्त घर में निर्माण कार्य कराया जा रहा था। इसी निर्माण को लेकर विवाद की स्थिति बनी हुई थी। बताया गया कि बुधवार को डीसीएम यादव तीन दर्जन से अधिक लोगों के साथ घर पर पहुंचा था। इसके बाद घर में दाखिल-कब्जे और निर्माण कार्य को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इसी दौरान रीना देवी ने कथित तौर पर अपने शरीर पर पेट्रोल छिड़क लिया और मौके पर मौजूद लोगों को डराने का प्रयास किया। इसी बीच भीड़ में मौजूद किसी व्यक्ति द्वारा कथित रूप से माचिस जलाए जाने की बात सामने आई है। माचिस की लौ पेट्रोल के संपर्क में आते ही आग भड़क गई। आग की चपेट में आने से रीना देवी बुरी तरह झुलस गईं।
मां को आग से बचाने के प्रयास में उनका बेटा धीरज कुमार भी झुलस गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने आग बुझाने का प्रयास किया और दोनों को अस्पताल पहुंचाया।
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस अब घर से संबंधित न्यायालय के आदेश, दाखिल-कब्जे के विवाद, निर्माण कार्य और घटना के समय मौके पर मौजूद लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। मौके पर मौजूद लोगों से पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आग लगने की वास्तविक परिस्थिति क्या थी और घटना के लिए कौन जिम्मेदार है।


