रांची, 25 अगस्त (हि.स.)। झारखंड में कथित शराब घोटाले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराने की मांग को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर मंगलवार को झारखंड हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने राज्य सरकार से याचिका की मेंटेबिलिटी यानी सुनवाई योग्य होने और मामले से जुड़े तथ्यों पर जवाब मांगा है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 1 अक्टूबर को होगी।
प्रार्थी की ओर से वरीय अधिवक्ता राजीव सिन्हा ने अदालत के समक्ष पक्ष रखा। याचिका में झारखंड में कथित शराब घोटाले की जांच CBI से कराने का आग्रह किया गया है। मामले को लेकर अदालत के रुख के बाद अब राज्य सरकार को याचिका की वैधानिक स्थिति और उठाए गए मुद्दों पर अपना पक्ष स्पष्ट करना होगा।
यह जनहित याचिका विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी की ओर से दाखिल की गई है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि कथित शराब घोटाले में आईएएस अधिकारी समेत कई हाई प्रोफाइल लोग शामिल हो सकते हैं। याचिकाकर्ता ने पूरे मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच के लिए CBI जांच की मांग की है।
याचिका में यह भी उल्लेख किया गया है कि कथित शराब घोटाले को लेकर वर्ष 2025 में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। मामले की जांच के दौरान कई आरोपितों की गिरफ्तारी भी हुई थी। हालांकि, बाद में कुछ आरोपितों को डिफॉल्ट बेल मिलने की बात याचिका में कही गई है।
याचिका के अनुसार, प्राथमिकी दर्ज होने के करीब 14 महीने बाद भी आरोपितों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल नहीं किया गया है। मामले में अनुसंधान अभी जारी रहने का दावा भी किया गया है। इसी आधार पर याचिकाकर्ता ने जांच की गति और प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए CBI से जांच कराने की मांग की है।
अब हाई कोर्ट के समक्ष राज्य सरकार का जवाब महत्वपूर्ण होगा। सरकार की ओर से याचिका की मेंटेबिलिटी और मामले से जुड़े तथ्यों पर जवाब दाखिल किए जाने के बाद अदालत आगे की कार्रवाई पर विचार करेगी। फिलहाल मामले की अगली सुनवाई 1 अक्टूबर को निर्धारित की गई है।


